सेंट्रल स्टेशन तक सुरंग बनाने के बाद निकली जा रही टनल बोरिंग मशीन
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने शनिवार को सेंट्रल स्टेशन के पास बने रिट्रीवल शाफ्ट से दो टनल बोरिंग मशीनें आजाद और विद्यार्थी को बाहर निकालने के लिए पहली बार 400 टन की क्रॉलर क्रेन का उपयोग किया। दावा किया कि देश में इस प्रकार का नवाचार दूसरी बार सामने आया है। आम तौर पर इतने भारी मशीन के पार्ट्स को निकालने के लिए दो क्रेनों की आवश्यकता होती है।
सेंट्रल स्टेशन तक सुरंग बनाने के बाद निकली जा रही टनल बोरिंग मशीन
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यूपीएमआरसी के एमडी सुशील कुमार ने बताया कि सुरंग निर्माण के दौरान ट्रांसपोर्टनगर और झकरकटी में सफाई और कंक्रीट का कार्य एक साथ कराकर समय की बचत की गई है।