अन्य शहरों से भी पहुंचे कलाकार
दोपहर 2 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसमें कानपुर के अलावा अन्य शहरों से भी युवा अपनी प्रतिभा दिखाने पहुंचे थे। विभिन्न आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने अपनी रचनाओं के जरिए वहां मौजूद भीड़ को रुकने पर मजबूर कर दिया।
लोकप्रिय गीतों से सजी महफिल
कविताओं के बाद संगीत का दौर शुरू हुआ, जिसने यात्रियों को झूमने पर मजबूर कर दिया। कलाकारों ने “ज़िंदगी के सफर में बहुत दूर तक”, छूकर मेरे मन को”, तेरी गलियां”और तू मेरी जिंदगी है” जैसे सदाबहार नगमों को अपनी आवाज दी। देवांश, अभिषेक, अंकित, साक्षी, शैलेंद्र, निशांत और राजा हसन सहित कई अन्य प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
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क्या है 'शो योर टैलेंट' पहल?
कानपुर मेट्रो द्वारा शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य स्थानीय और नवोदित कलाकारों को एक सशक्त मंच प्रदान करना है। इसके तहत कलाकार मेट्रो स्टेशनों पर कविता, संगीत, बैंड, नृत्य और नुक्कड़ नाटक जैसी विधाओं का प्रदर्शन कर सकते हैं। यात्रियों ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से यात्रा का अनुभव खुशनुमा हो जाता है और युवाओं की रचनात्मकता को नई पहचान मिलती है।