नौबस्ता तक मेट्रो का ट्रायल
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आगे के चरण में ट्रेन को एटीपी और एटीओ मोड में चलाकर हाई-स्पीड ट्रायल किए जाएंगे। मेट्रो रेल संरक्षा आयुक्त की हरी झंडी के बाद अप्रैल में नौबस्ता तक यात्रियों को मेट्रो की सुविधा मिलने की संभावना व्यक्त की जा रही है। करीब 24 किमी लंबे कॉरिडोर-1 (आईआईटी–नौबस्ता) में से आईआईटी से सेंट्रल स्टेशन तक 16 किमी तक मेट्रो चल रही है। इसी कॉरिडोर के शेष सेक्शन में सेंट्रल से लगभग आठ किलोमीटर दूर नौबस्ता स्टेशन तक ट्रायल रन और निरीक्षण के बाद यात्रियों को इस पर सफर की सुविधा मिलने लगेगी। वहीं, 8.60 किमी लंबे कॉरिडोर-2 (सीएसए–बर्रा-8) का निर्माण कार्य भी तेजी से जारी है। निरीक्षण में यूपीएमआरसी के निदेशक (वर्क्स एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर) सीपी सिंह, निदेशक (ऑपरेशन) प्रशांत मिश्रा आदि मौजूद रहे।
मेट्रो ने तमाम चुनौतियों को पार कर एक और ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है। टेस्टिंग पूरी होने के बाद संरक्षा आयुक्त से मंजूरी लेकर इसे यात्रियों के लिए खोला जाएगा। देश में पहली बार रेलवे के साथ तालमेल कर कानपुर सेंट्रल में इस तरह काम किया गया जहां भूमिगत मेट्रो स्टेशन चालू हो गया है और उसके ऊपर रेलवे का सात मंजिला भवन बन रहा है। इसी तरह झकरकटी में मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन की योजना भी तेजी से आगे बढ़ रही है। इसके तहत वहां नए सिरे से बस अड्डा भी बनना है। - सुशील कुमार, एमडी, यूपीएमआरसी