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छह लाख रुपये में हत्या की बात स्वीकारी थी
पीसीआर पर अब 19 सितंबर को सुनवाई होगी। बता दें कि पांच सितंबर की देर रात विनीत की उनके इंद्रानगर स्थित फ्लैट में चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के आरोप में पकड़े गए शालू के नौकर विशाल ने अपने साथी राजकिशोर के साथ मिलकर छह लाख रुपये में हत्या की बात स्वीकारी थी। शालू को मास्टर माइंड बताया था। पुलिस ने अगले दिन छह सितंबर को तीनों को जेल भेजा था।
डुप्लीकेट चाबी बनवाने के लिए विशाल को दी थी
विवेचक की अर्जी पर कोर्ट ने बुधवार को पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए तीनों को जेल से तलब किया था। सीजेएम के अवकाश पर होने के कारण एसीजेएम प्रथम की अदालत में रिमांड पर सुनवाई होनी थी, लेकिन अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य बहिष्कार के चलते नहीं हो सकी। रिमांड की अर्जी में विवेचक ने दावा किया है कि शालू ने जेल में दिए गए बयान में बताया है कि उसने फ्लैट की डुप्लीकेट चाबी बनवाने के लिए विशाल को दी थी।
शालू ने कौन सी चाबी विशाल को दी थी
विशाल ने परेड में किसी दुकानदार से चाबी बनवाई थी। फ्लैट की चार चाबियां थीं, जिसमें दो चाबी फ्लैट के अंदर रखी रहती थीं। उनमें से एक चाबी विशाल को दी गई थी। शालू ने कौन सी चाबी विशाल को दी थी, उसकी बरामदगी करनी है। विशाल ने परेड में जिस दुकानदार से चाबी बनवाई थी, उस जगह की भी तस्दीक करनी है। इसके बाद ही पूरी सत्यता साबित हो सकेगी।
शालू से 20 तो विशाल से किए जाएंगे 10 सवाल
पुलिस को बुधवार को पूरी उम्मीद थी कि शालू, विशाल और राजकिशोर की पीसीआर बुधवार को उसे मिल जाएगी। इसके लिए डीसीपी एसएम कासिम आबिदी ने टीम बनाकर तीनों से पूछताछ के लिए सवालों की लिस्ट भी तैयार कर रखी है। शालू और विशाल का अलग-अलग सुब्रत से सामना भी कराना था। अधिकारियों का कहना है कि रिमांड मिलने पर गुत्थी को और सुलझाने का प्रयास किया जाएगा।
शालू के लिए तैयार किए गए सवाल
- चार चाबियां होने के बाद भी डुप्लीकेट चाबी की जरूरत क्यों पड़ी?
- डुप्लीकेट चाबी परेड से बनवाई या गुमटी नंबर पांच से?
- वारदात वाली रात पार्टी में देर होने के बाद भी ससुर को फोन क्यों नहीं किया?
- नौकर विशाल तुम्हारे या सुब्रत में से किसके संपर्क में अधिक था?
- पापा को तुमने नहीं तो फिर किसने मारा, किस पर शक है तुम्हें?
विशाल से पूछे जाने वाले सवाल
- नौकरी से निकाले जाने के बाद भी शालू और सुब्रत के संपर्क में क्यों थे?
- सुपारी देने के अलावा शालू ने हत्या के लिए कैसे-कैसे मदद की?
- वारदात के लिए राजकिशोर को क्यों चुना, क्या वह भी शालू-सुब्रत को जानता था?
- घटनास्थल पर एक साथ रहते हुए भी राजकिशोर से 23 बार फोन पर बात क्यों की?
- किसी के दबाव या रुपयों के लिए तो शालू का नाम नहीं लिया?
ये था पूरा मामला
कल्याणपुर के इंदिरानगर स्थित रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में रहने वाले दवा कारोबारी विनीत मिनोचा (63) की शनिवार देर रात नृशंस हत्या कर दी गई थी। वारदात के वक्त कारोबारी की बहू-बेटा पार्टी करने गए थे। सुबह 4:13 बजे पर दोनों लौटे तो कमरे में खून से लथपथ शव पड़ा पाया। गले पर रेतने के निशान थे, जबकि पूरे शरीर पर धारदार हथियार से डेढ़ दर्जन से अधिक वार किए जाने के निशान थे।
सीसीटीवी में कैद हुए थे दो व्यक्ति
घटना की सूचना पर पुलिस कमिश्नर, डीसीपी वेस्ट, एडीसीपी व कल्याणपुर पुलिस मौके पर पहुंची थी। अपार्टमेंट की गैलरी में लगे सीसीटीवी कैमरे चेक किए गए थे, जिसमें एक पूर्व कर्मचारी सहित दो व्यक्ति फ्लैट में घुसते और निकलते कैद हुए। आशंका थी कि इन्हीं ने हत्या को अंजाम दिया है। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की थी।
बड़े दवा कारोबारी थे विनीत मिनोचा
बता दें कि इंदिरानगर स्थित रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट की पहली मंजिल के फ्लैट नंबर सी-104 में रहने वाले विनीत मिनोचा बड़े दवा कारोबारी थे। 45 वर्षों से बिरहाना रोड पर फार्मा ट्रेडर्स के नाम से दवा की फर्म है। परिवार में बेटा सुब्रत, बहू शालू और छह साल का पोता श्रीजय है। पत्नी पुनीता गाजियाबाद में मैरिज काउंसलर हैं। एक सप्ताह पहले वहीं लौट गई थीं। विवाहित बेटी शुभानी और दामाद गुरुग्राम में रहते हैं। दोनों इंजीनियर हैं।