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शहर की बदहाली का ठीकरा अधिकारियों पर फोड़ा
इसके बावजूद कमेटी को निरस्त किया जाना उचित नहीं है। इस दौरान उन्होंने शहर की जर्जर सड़कों और जलभराव पर अधिकारियों पर भी निशाना साधा। कहा कि अधिकारी फील्ड में नहीं उतरते। शहर की बदहाली का पूरा ठीकरा, उन्होंने अधिकारियों पर फोड़ा। कहा कि शहर की समस्याओं के लिए महापौर अकेले जिम्मेदार नहीं हैं। अगर अधिकारी अपने कार्यालयों से बाहर निकलकर मौके पर निरीक्षण करते, तो शहर की स्थिति इतनी खराब न होती।
जलभराव का कारण तालाबों पर कब्जे
इस दौरान महापौर ने जलभराव का बड़ा कारण शहर के तालाबों पर कब्जे को बताया। दावा किया कि करीब 312 तालाबों पर कब्जे हो चुके हैं और उनका कोई पता नहीं है। कल्याणपुर के एक तालाब से कब्जा हटाने का मुद्दा मुख्यमंत्री के सामने भी उठाया गया था, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने मंडलायुक्त व केडीए से तालाबों को चिह्नित कर कब्जामुक्त कराने की मांग की। केडीए उपाध्यक्ष से टीम गठित कर कार्रवाई करने को कहा।