अनवरगंज-मंधना एलिवेटेड कॉरिडोर बनने के बाद मंधना रेलवे स्टेशन टर्मिनल के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रशासन ने अभी से पार्किंग, सार्वजनिक परिवहन और स्वच्छता व्यवस्था को दुरुस्त करने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए रविवार दोपहर डीएम के अध्यक्षता में बैठक हुई। यहां कल्याणपुर बीडीओ संदीप कुमार (आईएएस) की अध्यक्षता में सहायक मंडल अभियंता फतेहगढ़ इंद्र भूषण राय, पीडब्ल्यूआई कमलेश कुमार झा, एसीपी यातायात संजय कुमार सिंह, एनएचएआई के तकनीकी प्रबंधक सुदीप मैथानी और अभिषेक मिश्रा की संयुक्त समिति बनाई गई। समिति ने निरीक्षण किया।
वहीं, जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में कार्यालय में हुई बैठक में मंधना स्टेशन के आसपास यातायात के बढ़ते दबाव से निपटने की कार्ययोजना पर चर्चा हुई। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, अनवरगंज से मंधना तक एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण दिसंबर 2026 से शुरू होने की संभावना है। काम पूरा होने के बाद इस रेलखंड का मंधना अंतिम टर्मिनल स्टेशन बनेगा। इससे स्टेशन पर यात्रियों की आवाजाही बढ़ने के साथ वाहनों का दबाव भी बढ़ेगा। डीएम ने स्टेशन के बाहर उपलब्ध स्थानों को चिह्नित कर सुनियोजित पार्किंग विकसित करने के निर्देश दिए। फ्लाईओवर के नीचे भी वाहनों के लिए जगह तलाशने को कहा है।
डीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक
- फोटो : अमर उजाला
इसी के चलते डीएम ने कल्याणपुर बीडीओ संदीप कुमार (आईएएस) की अध्यक्षता में समिति बनाई है। समिति ने रविवार को मंधना क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। बिल्हौर के दो और सदर तहसील के 13 गांवों से संबंधित मामलों की रिपोर्ट सोमवार तक मांगी है। कल्याणपुर-रावतपुर के बीच नालों की सफाई, कूड़ा निस्तारण और रेलवे ट्रैक के आसपास स्वच्छता व्यवस्था को लेकर भी संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
डीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक
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अस्थायी पार्किंग बनाने की तैयारी
निरीक्षण के दौरान मंधना चौराहे से मसाला फैक्टरी के सामने स्थित ग्रीन बेल्ट के हिस्से को अस्थायी पार्किंग के रूप में इस्तेमाल करने पर भी सहमति बनी। इसके अलावा ट्रेन में चढ़ने के लिए रैंप, डस्टबिन के लिए स्थान और बस-ऑटो के आवागमन के लिए अलग प्रवेश मार्ग चिह्नित किया गया। वाहन खराब होने की स्थिति में क्रेन खड़ी करने के लिए भी जगह तय की गई।