घरेलू विवाद में पत्नी की हत्या कर सबूत मिटाने के लिए शव को छिपा देने वाले को जिला जज अनमोल पाल ने उम्रकैद और 12 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। पनकी इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित शराब ठेके में काम करने वाले पवन कुमार कठेरिया ने शीबा नाम की युवती से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद बच्चा गोद लेने को लेकर दोनों के बीच अक्सर कहा सुनी होती थी। वर्ष 2022 में शीबा पवन के लिए खाना लेकर शराब ठेके गई थी जहां दोनों के बीच विवाद हुआ। पवन ने उसकी हत्या कर शव को ठेके के पीछे गोदाम में बोरे में भरकर छिपा दिया था। रिपोर्ट पवन के भाई दीपक ने पनकी थाने में दर्ज कराई थी। दो दिन बाद पुलिस ने शीबा का शव बरामद कर लिया था।
एडिश्नल डीजीसी ओंकार नाथ वर्मा ने बताया कि कोर्ट में गवाही के दौरान दीपक बयान से मुकर गया था लेकिन पवन के साथ काम करने वाले एक व्यक्ति की गवाही कोर्ट में महत्वपूर्ण साबित हुई। उसने कोर्ट में बताया था कि घटना के दिन जब शीबा शराब ठेके आई थी तो पवन ने उसे चाय लेने के लिए भेज दिया था। जब वह लौटकर आया तो शीबा वहां नहीं थी। पूछने पर पवन ने बताया था कि वह घर चली गई। सुबूतों और अन्य गवाहों के आधार पर कोर्ट ने पवन को शीबा की हत्या का दोषी मानकर सजा सुनाई।