कार भी नहीं मिल सकी
स्वीकृत ऋण राशि उसके अथवा कार डीलर के खाते में पूरी तरह स्थानांतरित नहीं की गई। इसके बावजूद अप्रैल से सितंबर 2025 तक छह किस्तों में 14,670 रुपये की दर से कुल 88,020 रुपये जमा कराए गए। कार भी नहीं मिल सकी। संदेह होने पर जानकारी की तो करीब 4,32,373 रुपये बैंक के कर्मचारी संतोष यादव और उनके भाई युवराज यादव के खाते में ट्रांसफर होने का पता चला। पीड़ित ने बैंक मैनेजर आलोक श्रीवास्तव, कर्मचारी संतोष यादव और उनके भाई युवराज यादव पर आपसी सांठगांठ कर रकम हड़पने का आरोप लगाया है। बिधनू इंस्पेक्टर ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।