लगातार मिल रहा था निगेटिव फीडबैक
पिछले कई महीनों से रैंकिंग में अपेक्षित सुधार नहीं होने के बाद शासन स्तर पर भी जिले के प्रदर्शन पर सवाल उठ रहे थे। मुख्यमंत्री ने शनिवार को वीसी में खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने अप्रैल, मई, जून, जुलाई माह की रैंकिंग की समीक्षा कर ऐसे अधिकारियों को चिह्नित किया, जिनके विभागों से शिकायतों के निस्तारण के बाद लगातार निगेटिव फीडबैक मिल रहा था। प्रशासन की इस कार्रवाई से आईजीआरएस पर शिकायतों का निस्तारण कागजों पर पूरा दिखाने वाले अफसरों में खलबली मच गई है।
तीन बड़े विभागाध्यक्षों को भी चेतावनी
प्रशासन ने कार्रवाई का दायरा सिर्फ पांच अधिकारियों तक सीमित नहीं रखा है। केडीए उपाध्यक्ष, नगर आयुक्त और केस्को एमडी को पत्र भेजकर उनके अधीन काम करने वाले लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। अब संबंधित विभागाध्यक्षों को भी अपने मातहत अफसरों के खराब आईजीआरएस प्रदर्शन का जवाब देना होगा।
आईजीआरएस की रैंकिंग में गिरावट का प्रमुख कारण निगेटिव फीडबैक है। चार माह के आंकड़ों की समीक्षा के बाद पांच अधिकारियों के खिलाफ शासन में कार्रवाई की संस्तुति का पत्र भेजा गया है। -आलोक कुमार गुप्ता, एडीएम सिटी