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Kanpur Mahashivratri: शिवभक्ति के रंग में रंगा कानपुर; आनंदेश्वर मंदिर में भक्तों की भीड़, व्यवस्था चाक-चौबंद

Sun, 15 Feb 2026 10:06 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: कानपुर के बाबा आनंदेश्वर मंदिर में रविवार तड़के 1:30 बजे से जलाभिषेक का सिलसिला शुरू हो गया। मंगला आरती के बाद लाखों श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए, जिसके लिए प्रशासन ने सुरक्षा और रूट डायवर्जन के कड़े इंतजाम किए थे।
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परमट मंदिर में बाबा का भव्य श्रंगार - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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महाशिवरात्रि पर शिवालयों के शहर कानपुर में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। आनंदेश्वर मंदिर में तड़के डेढ़ बजे मंगला आरती के बाद कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। हर-हर महादेव के जयघोष के बीच भक्तों ने जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की। मान्यता है कि इस प्राचीन दरबार में सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है।

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इसे लेकर शहर और आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भीड़ को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रमुख मार्गों पर डायवर्जन लागू कर वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से निकाला गया।  मंदिर प्रशासन ने बैरिकेडिंग, कतारबद्ध दर्शन और पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की। दिनभर दर्शन-पूजन का सिलसिला जारी रहा।

Kanpur Mahashivratri 2026 - फोटो : amar ujala
जलाभिषेक के लिए आतुर दिखे भक्त
बता दें कि महाशिवरात्रि पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। मंदिरों में सजावट की गई है। शहर के शिवालयों में शनिवार रात से ही भक्तों का सैलाब उमड़ने लगा था। भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रबंधन व जिला प्रशासन ने विशेष तैयारी की है। परमट स्थित आनंदेश्वर मंदिर में शनिवार रात से ही भक्तों की कतारें लगने लगीं। इसके अलावा, नवाबगंज स्थित जागेश्वर मंदिर, जाजमऊ के सिद्धेश्वर और पीरोड के बनखंडेश्वर मंदिर में भी भक्त जलाभिषेक के लिए आतुर दिखे।

Kanpur Mahashivratri 2026 - फोटो : amar ujala
जलाभिषेक का विशेष महत्व
महाशिवरात्रि पर भगवान शिव और मां पार्वती की विशेष पूजा का विधान है। शिवपुराण के अनुसार, भगवान शिव के निराकार स्वरूप का प्रतीक लिंग इस पावन तिथि की महानिशा में प्रकट हुआ था और इसे सबसे पहले ब्रह्मा व विष्णु ने पूजा। महाशिवरात्रि मानवता के लिए भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का एक पवित्र अवसर है। इस दिन शिवलिंग का पूजन और जलाभिषेक करने से तुरंत फाल प्राप्त होता है।
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Kanpur Mahashivratri 2026 - फोटो : amar ujala
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यह है पूजन सामग्री

धूप, दीप, अक्षत, घी, बेल, भांग, बेर, गाय का कच्चा दूध, गन्ने का रस, गंगाजल, कपूर, चंदन, पंच मिष्ठान, शिव व मां पार्वती के शृंगार की सामग्री, पंच मेवा, शक्कर, शहद, वस्त्राभूषण, चंदन, पान, सुपारी, लौंग, इलायची, दही, फल, फूल, बेलपत्र, धतूरा, तुलसी दल, मौली जनेऊ, पंच रस, इत्र, गंध रोली, कुश ,आसन आदि।
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