Kanpur Mahashivratri 2026
- फोटो : amar ujala
जलाभिषेक के लिए आतुर दिखे भक्त
बता दें कि महाशिवरात्रि पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। मंदिरों में सजावट की गई है। शहर के शिवालयों में शनिवार रात से ही भक्तों का सैलाब उमड़ने लगा था। भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रबंधन व जिला प्रशासन ने विशेष तैयारी की है। परमट स्थित आनंदेश्वर मंदिर में शनिवार रात से ही भक्तों की कतारें लगने लगीं। इसके अलावा, नवाबगंज स्थित जागेश्वर मंदिर, जाजमऊ के सिद्धेश्वर और पीरोड के बनखंडेश्वर मंदिर में भी भक्त जलाभिषेक के लिए आतुर दिखे।
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जलाभिषेक का विशेष महत्व
महाशिवरात्रि पर भगवान शिव और मां पार्वती की विशेष पूजा का विधान है। शिवपुराण के अनुसार, भगवान शिव के निराकार स्वरूप का प्रतीक लिंग इस पावन तिथि की महानिशा में प्रकट हुआ था और इसे सबसे पहले ब्रह्मा व विष्णु ने पूजा। महाशिवरात्रि मानवता के लिए भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का एक पवित्र अवसर है। इस दिन शिवलिंग का पूजन और जलाभिषेक करने से तुरंत फाल प्राप्त होता है।
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यह है पूजन सामग्री
धूप, दीप, अक्षत, घी, बेल, भांग, बेर, गाय का कच्चा दूध, गन्ने का रस, गंगाजल, कपूर, चंदन, पंच मिष्ठान, शिव व मां पार्वती के शृंगार की सामग्री, पंच मेवा, शक्कर, शहद, वस्त्राभूषण, चंदन, पान, सुपारी, लौंग, इलायची, दही, फल, फूल, बेलपत्र, धतूरा, तुलसी दल, मौली जनेऊ, पंच रस, इत्र, गंध रोली, कुश ,आसन आदि।