पबजी की लत और रईसी के दिखावा करना महाराष्ट्र के छात्र को महंगा पड़ गया। अपराधियों ने उसका अपहरण कर लिया। पिता के किसान होने का पता चलने पर छात्र को कानपुर में छोड़कर भाग गए। कानपुर सेंट्रल स्टेशन में शक के आधार पर आरपीएफ ने पकड़ लिया और पूछताछ के बाद परिजनों को बुलाकर उनके हवाले कर दिया। महाराष्ट्र के थाने में परिजनों ने अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक एसएन पाटीदार ने बताया कि बुधवार को कैंट साइड के मेन हाल में करीब 17 साल का किशोर लोगों से मोबाइल मांग रहा था। इस पर उसे पकड़ थाने ले आए। यहां उसने बताया कि महाराष्ट्र के बीड़ अंतर्गत ग्राम गेवराई का निवासी है। वह इंटर में पढ़ने के साथ ही नीट की तैयार भी कर रहा है। बीड़ में किराये पर रहता है। उसे पबजी खेलने का शौक है और दोस्तों के सामने रईस होने का दिखावा करता है। उस पर एक लाख का कर्ज भी हो गया है। पिता ने पांच हजार रुपये भेजे थे। हाईस्कूल का फार्म भरने के लिए सनद लगानी थी, इसलिए 15 सितंबर को वह सनद लेने के लिए घर से निकला।
बीड़ बस स्टैंड पर काली स्कार्पियो से आए चार लोग गाड़ी में खींचकर भाग निकले। गाड़ी में करीब 16 साल का एक और किशोर था। स्कार्पियो सवारों ने उसका मुंह व हाथ-पैर बांध दिए थे। रास्ते में दो-तीन जगह सिर्फ खाने और नित्य क्रिया के लिए ही हाथ-पैर खोले। उसके परिवार के बारे में पूछा तो बताया कि किसानी करते हैं। यह सुनने के बाद वह लोग आपस में बात करने लगे कि कुछ नहीं मिलेगा, इसे छोड़कर भाग चलते हैं। इसके बाद उन लोगों ने जेब में रखे पांच हजार रुपये निकाल लिए और बीती रात कानपुर में छोड़ दिया। छात्र के पिता को कॉल की तो उन्होंने बताया कि बेटे का 15 सितंबर को अपहरण हुआ था। गुरुवार सुबह परिवार वाले महाराष्ट्र के शिवाजीनगर पुलिस के साथ थाने पहुंचे। वहां के उपनिरीक्षक ज्ञानेश्वर धोतरे ने बताया कि छात्र के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज है। जरूरी कार्रवाई के बाद छात्र को उनके सुपुर्द कर दिया गया जिसके बाद वह लोग उसे साथ लेकर चले गए।