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बढ़ते जा रहे एक्सप्रेसवे के जख्म: एक जगह की मरम्मत पूरी होने से पहले ही दूसरी जगह धंस जाती सड़क, दो लेन बंद

Mon, 10 Aug 2026 03:31 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, उन्नाव

सार

कानपुर लखनऊ एक्सप्रेसवे फिर दस जगहों पर धंस गया। पानी निकासी के ठोस इंतजाम न होने के कारण रविवार को हुई बारिश के दौरान कानपुर से लखनऊ जाने वाली लेन पर कुछ जगहों पर जलभराव जैसी स्थिति रही। एक दिन पहले ही एनएचएआई की केंद्रीय टीम के तकनीकी सदस्य ने एक्सप्रेसवे के ड्रेनेज सिस्टम पर सवाल खड़े किए थे।
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तौरा के पास एक्सप्रेसवे की मरम्मत में लगी लेबलर व रोलर मशीनें - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग किए जाने का खूब ढिंढोरा पीटा गया। जबकि धरातल पर एक बारिश भी यह एक्सप्रेसवे झेल नहीं पाया है। एक जगह पर कर्मचारी मरम्मत कर नहीं पाते हैं, वहीं दूसरी ओर सड़क धंस जाती है।
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कानपुर-लखनऊ के बीच नवनिर्मित 63 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड एक्सप्रेसवे (एनई-6) का 13 जुलाई को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकार्पण किया था। दावा किया गया था कि इस एक्सप्रेसवे के निर्माण में अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग किया गया है।

इससे बिना रुके वाहन सवार सीधे लखनऊ से कानपुर के बीच कम समय में सफर कर सकेंगे। हालांकि यह दावा एक माह के अंदर ही टूट गया जब पहली ही बारिश में सड़क धंसना शुरू हुई। वर्तमान में हालत यह है कि एक जगह मरम्मत का काम पूरा हो नहीं पाता है कि दूसरी ओर सड़क धंस जाती है। इसके चलते पूरे एक्सप्रेसवे पर ही लगभग मरम्मत कार्य ही चल रहा है।
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सुरक्षा जाली भी कई स्थानों पर टूटी
एक्सप्रेसवे की एक तरफ सड़क ही नहीं धंस रही है, दूसरी ओर सुरक्षा के लिए लगाई गई किनारों पर जाली भी टूटने लगी हैं। अचलगंज क्षेत्र में जाली टूटकर नीचे भरे पानी में पड़ी नजर आईं। इससे यहां पर भी मवेशी भी आसानी से पहुंच रहे हैं। उधर, रविवार को युद्धस्तर पर एक्सप्रेसवे पर मरम्मत कार्य चलता रहा।

 

इसके चलते किमी 39.7 पर डायवर्जन लगाकर मरम्मत की गई। इसके अलावा किमी 32.6 व 49.8 पर तौरा के पास मरम्मत कार्य किया गया। हालांकि लखनऊ कानपुर लेन पर किमी 64 पर दो दिन पहले उखड़ी सड़क की मरम्मत नहीं शुरू की गई। इससे वाहन सवारों के लिए हादसे की आशंका बनी हुई है।

कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर भरा पानी, 10 जगह और धंसी सड़क
कानपुर लखनऊ एक्सप्रेसवे फिर दस जगहों पर धंस गया। पानी निकासी के ठोस इंतजाम न होने के कारण रविवार को हुई बारिश के दौरान कानपुर से लखनऊ जाने वाली लेन पर कुछ जगहों पर जलभराव जैसी स्थिति रही। एक दिन पहले ही एनएचएआई की केंद्रीय टीम के तकनीकी सदस्य ने एक्सप्रेसवे के ड्रेनेज सिस्टम पर सवाल खड़े किए थे।

 

रविवार को असोहा में किलोमीटर संख्या 47.9 से लेकर 47.1 तक आठ सौ मीटर, किमी संख्या 46.6 से किमी संख्या 46.3 तक तीन सौ मीटर और किमी संख्या 45.5 पर बरसाती पानी भरा नजर आया। इन स्थानों पर सड़क भी धंस गई। 

इसके अलावा किमी संख्या 44.4 से किमी संख्या 44.1 तक मेदपुर के पास, किमी संख्या 41.3 से किमी संख्या 41 तक कुदिकापुर के पास और किमी संख्या 42.2 पर सड़क दबने से पानी भरा रहा। किमी संख्या 44.6 और किमी संख्या 40.6 पर जलनिकासी की नाली टूट गई।

अचलगंज में भी दो स्थानों पर सड़क धंस गई। उधर, एक्सप्रेसवे की जांच करने आई आआईटी खडगपुर की टीम 90 स्थानों से सैंपल लेकर लौट गई है। एक हफ्ते में इसकी रिपोर्ट आने की उम्मीद है। 

मरम्मत के कारण दो लेन बंद
कानपुर-लखनऊ लेन पर किलोमीटर 39.7 कांथा और किमी 30.6 बेगमखेड़ा के पास रविवार को मरम्मत कार्य हुआ। बारिश के चलते कुछ देर काम बाधित हुआ। इस दौरान हल्के वाहन की दोनों लेन बंद कर दी गई। यहां पर डायवर्जन लगाकर दोनों लेन का यातायात भारी वाहन की लेन से निकाला गया।

 
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कुछ स्थानों पर सड़क दबने, व्हील ट्रैक बनने से थोड़ा पानी भरा था, जो बाद में निकाल गया। जहां समस्या है वहां मरम्मत कार्य करवाया जा रहा है। - सत्यनारायण, मैनेजर, पीएनसी
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