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Kanpur: ईडी अधिकारी बनकर 71 वर्षीय रिटायर्ड आईआईटी अफसर को पांच दिन तक किया डिजिटल अरेस्ट, 16.55 लाख ठगे

Mon, 10 Aug 2026 03:09 PM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने और बेटी को जान से मारने की धमकी देकर साइबर ठगों ने शिकार बनाया। वीडियो कॉल पर निगरानी रखते थे।
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डिजिटल अरेस्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सीसामऊ में साइबर ठगों ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने का डर दिखाकर आईआईटी कानपुर के रिटायर्ड ऑफिस सुपरिटेंडेंट 71 वर्षीय अजय कुमार से 16.55 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का अधिकारी बताकर उन्हें करीब पांच दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा। वीडियो कॉल पर लगातार निगरानी करते हुए घर से बाहर निकलने और किसी से बात करने पर रोक लगा दी। विरोध करने पर बुजुर्ग और उनकी बेंगलुरु में रहने वाली इकलौती बेटी को जान से मारने की धमकी दी। ठगों ने केस खत्म कराने और सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई का झांसा देकर बैंक से रकम निकलवाकर अपने बताए खातों में ट्रांसफर करा ली।
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ईडी अधिकारी बनकर आया कॉल 
गांधी नगर निवासी अजय कुमार आईआईटी कानपुर में ऑफिस सुपरिटेंडेंट के पद से सेवानिवृत्त हैं। वर्ष 2021 में पत्नी की मौत के बाद वह घर में अकेले रह रहे हैं। उनकी इकलौती बेटी अवंतिका कुमार श्रीवास्तव बेंगलुरु की एक आईटी कंपनी में नौकरी करती हैं। अजय के मुताबिक, 30 जुलाई को उनके मोबाइल पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को ईडी का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनका नाम मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में सामने आया है। बुजुर्ग ने आरोप से इनकार किया तो ठगों ने पुलिस टीम भेजकर गिरफ्तार कराने की धमकी दी। इसके बाद उन्हें लगातार डराकर अपने निर्देशों के मुताबिक चलने के लिए मजबूर किया गया।

पांच दिन घर में कैद रखा, वीडियो कॉल पर होती रही निगरानी 
ठगों ने बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट का झांसा देकर करीब पांच दिन तक अपने कब्जे में रखा। उन्हें घर से बाहर नहीं निकलने और किसी रिश्तेदार या परिचित से बात नहीं करने को कहा गया। आरोपी वीडियो कॉल के जरिये लगातार निगरानी करते रहे। ठगों ने बुजुर्ग के डर का फायदा उठाते हुए उनकी बेटी को भी निशाना बनाया। उन्हें धमकाया गया कि अगर निर्देशों का पालन नहीं किया तो बुजुर्ग और उनकी बेटी दोनों की जान को खतरा है। 

 

सुप्रीम कोर्ट में केस खत्म कराने का झांसा, बैंक से निकलवाई रकम 
आरोपियों ने बुजुर्ग को भरोसा दिलाया कि रुपये जमा करने पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला खत्म करा दिया जाएगा और सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई कराकर उन्हें राहत दिलाई जाएगी। इसके बाद उनके बताए बैंक खातों में रकम जमा कराने का दबाव बनाया गया। ठगों के कहने पर अजय कुमार ने पीरोड स्थित यूनियन बैंक की शाखा से 7.80 लाख रुपये और स्टेट बैंक की शाखा से 8.75 लाख रुपये निकाले। इसके बाद दोनों रकम आरोपियों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दी। कुल 16.55 लाख रुपये जाने के बाद जब उन्हें पूरे घटनाक्रम पर शक हुआ तो ठगी का अहसास हुआ।

 
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साइबर सेल में शिकायत, जांच शुरू 
ठगी का पता चलने के बाद अजय कुमार ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। सीसामऊ थाना प्रभारी राकेश सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। साइबर ठगों के इस्तेमाल किए गएमोबाइल नंबर और बैंक खातों की जानकारी जुटाकर आरोपियों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है।
 
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