कानपुर। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे का निर्माण पूरा कर लिया है। इसके लोकार्पण के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को पत्र भेजा गया है। अगले महीने की तारीख तय होते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका लोकार्पण करेंगे। उसके अगले दिन से इसे आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। इससे 45 मिनट में लखनऊ पहुंच जाएंगे। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे की तरह इसमें भी जितनी दूरी उतना टोलटैक्स लगेगा
वर्तमान में 80 किलोमीटर की यह दूरी तय करने में औसतन दो घंटे लगते हैं। वाहनों की अधिकता से टोल प्लाजा पर कतारें लग जाती हैं। चार-लेन के इस राष्ट्रीय राजमार्ग में कभी-कभी जाम भी लगता है। एनएचएआई ने 63 किलोमीटर हिस्से में करीब 3600 करोड़ रुपये की लागत से यह एक्सप्रेस-वे बनवाया है। एनएचएआई के मुख्य महाप्रबंधक (तकनीक) गौतम विशाल के अनुसार, इस एक्सप्रेस-वे पर वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलाए जा सकेंगे। इससे कानपुर से लखनऊ पहुंचने में पहले से लगभग आधा समय लगेगा।
एक्सप्रेस-वे की संरचना और टोल व्यवस्था
इस एक्सप्रेस-वे में लखनऊ से बनी तक 18 किलोमीटर का हिस्सा एलिवेटेड है। इसके आगे से आजादनगर, शुक्लागंज (उन्नाव) तक का शेष भाग नए सिरे से निर्मित है। इसमें सड़क पर नवाबगंज की तरह कोई टोल प्लाजा नहीं होगा बल्कि पांच स्थानों पर प्रवेश और निकास मार्ग बनाए गए हैं। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे की तर्ज पर सभी प्रवेश और निकास स्थलों पर टोल प्लाजा बनाए गए हैं। प्रवेश करते समय फास्टैग से एंट्री होगी और निकास द्वार पर टोलटैक्स कट जाएगा।
निर्माण में विलंब और गति सीमा
इस एक्सप्रेस-वे का निर्माण शिलान्यास के दौरान तय समय सीमा के अनुसार जून 2025 तक पूरा होना था। हालांकि, 43 गांवों की जमीन अधिग्रहण और विद्युत ग्रिड की लाइन शिफ्टिंग में देरी के कारण इसमें विलंब हुआ। एनएचएआई ने अब निर्माण पूरा होने का दावा किया है। इस परियोजना से यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी।
इनसेट
लंबाई - 63 किलोमीटर
लागत - 3600 करोड़ रुपये
ये हुए निर्माण - चार बड़े पुल, 25 छोटे पुल, चार फ्लाईओवर, पैदल यात्रियों के लिए 11 अंडरपास, हल्के वाहनों के लिए 13 अंडरपास बनाए गए हैं।
63 सीसीटीवी कैमरे, 120 किमी से ज्यादा रफ्तार पर कटेंगे चालान
64 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस-वे में 63 सीसीटीवी कैमरे और 16 वीडियो डिटेक्शन इंसीडेंट सिस्टम नजर आएंगे। इस सिस्टम के माध्यम से हादसा होने पर तत्काल कंट्रोल रूम तक सूचना पहुंचेगी। कंट्रोल रूम से ही पूरे एक्सप्रेस-वे पर नजर रखी जाएगी। दावा है कि हादसा होने पर 15 मिनट में राहत दल मौके पर पहुंच जाएगा। 120 किलोमीटर प्रति घंटा से ज्यादा रफ्तार से वाहन चलाने पर चालान के लिए एटीएमएस भी लगाए गए हैं।