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Kanpur: हैलट में खतरे में मरीजों की जान, एक्सपायरी दवाएं मिलीं, वार्ड प्रभारी नर्स को नोटिस

Sun, 12 Mar 2023 10:06 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

जच्चा-बच्चा अस्पताल के बाद हैलट के वार्डों में एक्सपायरी दवाएं मिलने पर प्राचार्य ने विभागाध्यक्षों की आपात बैठक बुलाई। इसमें तय हुआ कि अब रिटर्न इंडेंट बनेगा। जिन दवाओं की एक्सपायरी तिथि नजदीक होगी, उन्हें फार्मेसी को वापस कर दिया जाएगा।
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हैलट अस्पताल - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कानपुर में हैलट बरती जा रही लापरवाही से मरीजों की जान खतरे में पड़ सकती है। वार्डों में एक्सपायरी डेट की दवाएं मिली हैं। इन दवाओं को नष्ट करने के बजाए अलमारियों में सुरक्षित रखा गया था। नर्स अलमारियों से दवाएं निकालकर रोगियों को लगाती हैं। ऐसे में धोखा हो सकता है। पिछले महीने जच्चा-बच्चा अस्पताल में एक महिला को एक्सपायरी इंजेक्शन लग भी गया था।

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इस मामले में जमकर बवाल हुआ था। शनिवार को जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला की अगुवाई में अभियान चलाया गया तो दो-तीन वार्डों में एक्सपायरी डेट के एंटीबायोटिक दवाओं के इंजेक्शन मिले। इसके बाद वार्ड की प्रभारी नर्स के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। पहली कड़ी में नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा वार्डों में उन रोगियों की बीएचटी पड़ी मिली जो बहुत पहले डिस्चार्ज हो चुके हैं। स्टाफ ने बताया कि रेजीडेंट डॉक्टर के दस्तखत न होने की वजह से बीएचटी नहीं भेजी गई।

इस पर संबंधित रेजीडेंट डॉक्टरों को नोटिस देकर जवाब तलब किया गया है। प्राचार्य डॉ. संजय काला, उप प्राचार्य डॉ. रिचा गिरि और हैलट के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके मौर्या की अगुवाई में तीन टीमों ने अलग-अलग वार्डों में पहुंचकर पड़ताल की। सारे कागजात, अलमारियां, दवा का स्टॉक आदि की जांच की।

एक्सपायरी इंजेक्शन मिलने पर प्राचार्य डॉ. काला ने जब नर्स से पूछा कि ये नष्ट क्यों नहीं किए गए, तो स्टाफ जवाब नहीं दे पाया। उन्होंने कहा कि रजिस्टर पर दवा का बैच नंबर, रोगी का नाम, एक्सपायरी तिथि और दवा कब दी गई? सारा ब्योरा दर्ज किया जाए। इसके साथ नोटिस जारी करके जवाब तलब किया गया है।

वहीं उप प्राचार्य डॉ. रिचा गिरि ने मेडिसिन विभाग के वार्डों, आईसीयू, एचडीयू में जाकर स्थिति देखी। वहां भी एक्सपायरी इंजेक्शन मिले हैं। इसके अलावा प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मौर्या ने जच्चा-बच्चा अस्पताल के वार्डों और ऑपरेशन थिएटर की स्थिति देखी। रिकॉर्ड और स्टाक का हिसाब व्यवस्थित नहीं था। डॉ. मौर्या ने बताया कि इस संबंध में चेतावनी दी गई है कि जल्द स्टाक और रिकॉर्ड दुरुस्त कर लें। स्टोर से दवाएं समय से काउंटर पर पहुंचाई जाएं, जिससे एक्सपायर न होने पाएं।

जच्चा-बच्चा में महिला को लगा था एक्सपायरी इंजेक्शन
पिछले महीने मेडिकल कॉलेज के स्त्री रोग विभाग के जच्चा-बच्चा अस्पताल में रोगी को एक्सपायरी इंजेक्शन लग गया था। इसके बाद हंगामा हो गया था। बाद में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन से रिपोर्ट मांगी थी। मेडिसिन विभाग के डॉ. एसके गौतम की अध्यक्षता में गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद आउटसोर्सिंग नर्स की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। नियमित नर्स के खिलाफ महानिदेशक कार्यालय से कार्रवाई की संस्तुति की गई। इसके साथ ही फार्मासिस्ट समेत दो लोगों को चेतावनी दी गई थी।
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जिन दवाओं की एक्सपायरी नजदीक, वे वापस होंगी
जच्चा-बच्चा अस्पताल के बाद हैलट के वार्डों में एक्सपायरी दवाएं मिलने पर प्राचार्य ने विभागाध्यक्षों की आपात बैठक बुलाई। इसमें तय हुआ कि अब रिटर्न इंडेंट बनेगा। जिन दवाओं की एक्सपायरी तिथि नजदीक होगी, उन्हें फार्मेसी को वापस कर दिया जाएगा। इसके अलावा इस्तेमाल न होने वाली दवाएं भी वार्डों में नहीं रखी जाएंगी। इन्हें भी वापस भेज दिया जाएगा। डॉक्टरों ने कहा कि ऑनलाइन इंडेंट होने के कारण दवाएं रखी रह जाती हैं।
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