दोस्त के साथ मिलकर पत्नी की हत्या करने वाले पति और उसके दोस्त को अपर जिला जज 18 राकेश कुमार तिवारी ने उम्रकैद और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की आधी धनराशि वादिनी मुकदमा को क्षतिपूर्ति के रूप में मिलेगी। पाली भोगनीपुर क्षेत्र निवासी महिला ने बेटी की शादी मूसानगर के लेवामऊ निवासी शैलेंद्र पाल से 10 फरवरी 2022 को की थी।
पत्नी को शैलेंद्र के अवैध संबंध होने का शक था। इसका वह विरोध करती थी। वहीं शैलेंद्र भी पत्नी पर चरित्रहीन होने का लांछन लगाता था। कुछ महीने बाद पति से विवाद के बाद पत्नी मायके लौट आई और पास के ब्यूटी पार्लर में काम सीखने लगी। 30 अगस्त 2022 की सुबह वह ब्यूटी पार्लर गई लेकिन वापस नहीं लौटी। मां ने बेटी की नरवल थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस को जांच के दाैरान मृतका का फोन शैलेंद्र के दोस्त पीयूष पाल के पास से मिला था। पूछताछ में शैलेंद्र और पीयूष ने मिलकर पत्नी की हत्या करने की बात कबूली थी। शैलेंद्र की निशानदेही पर उसके जीजा उदय के मकान के पीछे गड्ढे से कंकाल बरामद हुआ था। मामले में शैलेंद्र और पीयूष को जेल भेजा गया था। अभियोजन की ओर से कोर्ट में नौ गवाह कोर्ट में पेश किए गए। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने शैलेंद्र व पीयूष को हत्या का दोषी मानकर सजा सुनाई।
अहम रही मकान मालिक की गवाही
कोर्ट में शैलेंद्र के जीजा उदय के मकान मालिक ऋषभ तिवारी की गवाही हुई थी। ऋषभ ने बताया कि 31 अगस्त को उदय के घर बाइक से दो पुरुष और एक महिला आई थी। इसी बीच ऋषभ अपने पिता को छोड़ने अपने दूसरे मकान चला गया था जब लौटकर आया तो महिला घर पर नहीं थी। पूछने पर उदय ने बताया कि वह मायके चली गई है। अगले दिन शैलेंद्र और पीयूष भी चले गए। एक माह बाद दो अक्तूबर की रात उसके घर के पीछे से कंकाल बरामद हुआ था। कंकाल के पास से जो कपड़े मिले थे वह उसी महिला के थे जिसे उसने शैलेंद्र के साथ देखा था।