मरीजों के फॉलोअप में लापरवाही
सीएमओ ने नोटिस जारी कर अस्पताल से मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर जवाब मांगा था। पहला सवाल रोगियों की मोतियाबिंद सर्जरी के बाद फॉलोअप में की गई लापरवाही पर था। कायदे से रोगियों की पट्टी खोलने के बाद आंखों की स्थिति देखी जानी चाहिए थी। अगर संक्रमण का इलाज समय से शुरू कर दिया जाता तो आंखों को बचाया जा सकता था। ऑपरेशन के बाद रोगियों की देखरेख में लापरवाही बरती गई। इसका अस्पताल प्रबंधन माकूल जवाब नहीं दे पाया।
ऑपरेशन से संबंधित रजिस्टर नहीं था अपडेट
दूसरा यह कि अस्पताल ने रोगियों के ऑपरेशन से संबंधित रजिस्टर को अपडेट नहीं रखा था। सीएमओ कार्यालय ने जो अभिलेख अस्पताल प्रबंधन से मांगे थे, वे अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए जा सके।
अवैध रूप से शिविर का आयोजन
तीसरा सबसे अहम बिंदु अवैध रूप से शिविर के आयोजन का था। निशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर के संबंध में स्वास्थ्य विभाग के सक्षम अधिकारी से अनुमति नहीं ली गई। बिना अनुमति शिविर लगा दिया गया।