गली-गली में खुले हैं भोजनालय
आपातकालीन स्थिति में तहखानों से सुरक्षित निकल पाना संभव नहीं हो पाता है। इन तहखानों में भोजनालय, नमकीन, बनियान और चप्पल के कारखाने तक चल रहे हैं। भोजनालय तो गली-गली में खुले हैं। दिल्ली में 21 लोगों की मौत के बाद केडीए अधिकारी अभियान चलाने की बात कह रहे हैं।
बर्रा में बने परिसर के बेसमेंट में चल रहे हैं अस्पताल
- फोटो : amar ujala
इन इलाकों में बेसमेंट
चमनगंज, कुली बाजार, बेकनगंज, बाबूपुरवा, मेस्टन रोड, गोविंदनगर, काकादेव, जाजमऊ, गुमटी नंबर-5, निरालानगर, सचान चौराहा, बर्रा-2, किदवईनगर आदि।
लाॅन देने के पहले लेते एनओसी
शहर में नगर निगम के छह लॉन हैं। इनमें से तीन मोतीझील तो इतने ही बृजेंद्र स्वरूप पार्क में हैं जिन्हें प्रदर्शनी, मेले या वैवाहिक कार्यक्रम के लिए किराए पर दिया जाता है। नियमानुसार इनमें टैंकर बना होना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि किराए पर लॉन देने से पहले पार्टी से दमकल विभाग की एनओसी ली जाती है जिसके बाद दमकल गाड़ी भी कार्यक्रम के दौरान लॉन के बाहर खड़ी की जाती है।
बर्रा में बने परिसर के बेसमेंट में चल रहे हैं अस्पताल
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पिछले साल दिल्ली की एक अन्य घटना के बाद अभियान चलाया गया था। बेसमेंट में मिले रेस्टोरेंट सील किए गए थे जो आज तक बंद हैं। अब फिर से अभियान चला कर इनका सर्वे कराया जाएगा। जहां कमियां मिलेंगी, कार्रवाई की जाएगी। -अभय पांडे, सचिव केडीए