सांसद मुरली मनोहर जोशी को छोड़कर भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी से कानपुर का पत्ता साफ हो गया है। पिछले करीब दस साल से राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सदस्य के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने वाले एक मात्र नेता तनवीर हैदर उस्मानी को भी बाहर कर दिया गया है।
बताया जा रहा है कि इस बार उन्हीं लोगों को जगह मिली है, जिनका कार्यकाल अच्छा रहा है। कानपुर परिक्षेत्र की बात की जाए तो फतेहपुर की सांसद और केंद्रीय मंत्री निरंजन ज्योति को पहली बार राष्ट्रीय कार्यकारिणी में आने का मौका मिला है।
हालांकि उनके अभी तक के बयानों से सरकार की जो किरकिरी हुई, उससे लग रहा था कि उन पर कोई कार्रवाई हो सकती है। पर राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने उन्हें विशेष आमंत्रित सदस्य बनाकर इनाम दिया है।
वहीं, लंबे समय बाद राष्ट्रीय कमेटी से बाहर किए गए तनवीर उस्मानी अपनी पहुंच के बल पर तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष वेंकैया नायडू, राजनाथ सिंह, लालकृष्ण आडवाणी, दुबारा राजनाथ सिंह के कार्यकाल में सदस्य के रूप में कार्य कर चुके हैं।
अभी तक वह अल्पसंख्यक वर्ग का होने की वजह से अपनी जगह बनाए हुए थे लेकिन इस बार कड़ी स्क्रीनिंग होने से उनका पत्ता साफ हो गया। इससे पहले पूर्व मंत्री प्रेमलता कटियार भी भाजपा की महिला मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में रह चुकी हैं।
इस बार किसी को भी जगह नहीं मिली है। इसी तरह वरिष्ठ भाजपा नेता श्याम बिहारी मिश्र पार्टी के व्यापार प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय संयोजक होने की वजह से राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पदेन सदस्य हैं।