धीमी पड़ी कार्रवाई से तमाम चर्चाएं
एसआईटी की जांच रिपोर्ट पर बर्रा थाने में छह अगस्त को पहली एफआईआर दर्ज हुई। इसके बाद किदवईनगर, कोतवाली, ग्वालटोली समेत अन्य थानों में कई रिपोर्ट दर्ज हुईं, तो शिकायतों की बाढ़ आ गई। इस बीच, 25 अगस्त को पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार के डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन के एमडी बनने का आदेश जारी होने के बाद धीमी पड़ी कार्रवाई ने तमाम चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
नई एसआईटी का गठन किया
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी के अधिकारियों ने तीन जांचें पूरी कर ली हैं। इन मामलों में अभी तक एफआईआर क्यों नहीं दर्ज हुई, इस पर सब चुप्पी साधे हैं। खबर यह भी है नई एसआईटी नए सिरे से सभी शिकायतों की जांच में जुटी है। दोबारा जांच पर भी सवाल उठ रहे हैं। पूर्व में अफसरों ने बताया था कि कुछ नए आरोप भी लगे और शिकायतें बहुत आने लगीं, इस कारण नई एसआईटी का गठन किया गया।
पुलिस कमिश्नर के कार्यकाल से जोड़कर देख रहे हैं लोग
फिलहाल, शिकायतकर्ताओं, गवाहों के बयान, सुबूत और दस्तावेजों के बावजूद एफआईआर दर्ज न होने को लोग पुलिस कमिश्नर के कार्यकाल से जोड़कर देख रहे हैं। ऐसा इसलिए भी, क्योंकि डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन का एमडी बनाए जाने के आदेश के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय अखिल कुमार को जल्द रिलीव करने का अनुरोध कर चुका है।
कहीं प्रभावशाली दरबारियों का दबाव तो नहीं
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच में अखिलेश के दरबार में कई प्रभावशाली अफसरों के आने-जाने की बात भी सामने आ चुकी है। ऐसी ही एक लॉबी अधिवक्ता के पक्ष में दिख रही है। इस वजह से भी अखिलेश पर कोई नया मुकदमा न दर्ज करने का दबाव है।
नई एसआईटी के गठन पर दो तरह की बात
एसआईटी का गठन करीब पांच माह पहले हुआ था। पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर 28 अगस्त को चार सदस्यीय एसआईटी की टीम को बदलकर आठ सदस्यीय नई टीम बनाई गई। अधिकारियों का कहना है कि यह बदलाव जांच में तेजी लाने के लिए किया गया, जबकि सूत्र बताते हैं कि आरोपियों के एक पक्ष की ओर से उन पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगा था।
अखिलेश के दरबारियों में कई सफेदपोश भी
एसआईटी की जांच में सामने आया है कि कई सफेदपोशों का अखिलेश दुबे के कार्यालय में आना-जाना रहता था। जांच में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर उनका नाम भी सामने आ रहा था, जिसकी वजह से संबंधित की ओर से शासन में शिकायत की गई। आरोपियों ने भी कोर्ट में द्वेषपूर्ण कार्रवाई करने की बात कही थी। इन मामलों को देखते हुए पुलिस फूंक-फूंककर कदम रख रही है।
अब तक 25 से 30 शिकायतें आ गई हैं। एसआईटी हर मामले की गहनता से जांच कर रही है जिसमें शिकायतकर्ताओं और गवाहों के बयान, साक्ष्य, दस्तावेजों का आकलन आदि शामिल है। एसआईटी के गठन के बाद पहली एफआईआर अच्छी तरह से विवेचना के बाद हुई। ये शिकायतें कुछ वर्ष पुराने मामलों की है जिसकी जांच कई चरणों में चल रही है। जल्द ही कमिश्नरी पुलिस बड़ी कार्रवाई करेगी। -अखिल कुमार, पुलिस कमिश्नर