न्यायिक अधिकारियों, पुलिस कमिश्नर और बार व लॉयर्स एसोसिएशन के महामंत्रियों के बीच बातचीत के बाद व्यवस्था सामान्य हुई और लोक अदालत का काम दोबारा शुरू हो सका। बार एसोसिएशन और लॉयर्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार और शुक्रवार को दो दिवसीय प्रांतीय सम्मेलन आयोजित किया गया था। सम्मेलन के अंतिम दिन मंच से राष्ट्रीय लोक अदालत के बहिष्कार की घोषणा का प्रस्ताव पारित किया गया था।
वहीं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को प्रस्तावित राष्ट्रीय लोक अदालत अपने निर्धारित समय सुबह 10 बजे शुरू हुई। वादकारी अपने लंबित वादों के निस्तारण के लिए न्यायालय पहुंचे थे। इसी दौरान बार एसोसिएशन के महामंत्री बिनय मिश्रा और लॉयर्स एसोसिएशन के महामंत्री राजीव यादव के नेतृत्व में करीब दो दर्जन अधिवक्ताओं का जत्था न्यायालय परिसर पहुंचा।
हंगामा बढ़ा तो कचहरी पहुंचे पुलिस कमिश्नर
हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल पुलिस फोर्स के साथ कचहरी पहुंचे। पुलिस ने कचहरी परिसर की भूतल से लेकर पांचवीं मंजिल तक गश्त की। हालांकि पुलिस के पहुंचने तक हंगामा शांत हो चुका था।
इसके बाद पुलिस कमिश्नर ने न्यायिक अधिकारियों और बार व लॉयर्स एसोसिएशन के महामंत्रियों के साथ बातचीत की। अधिवक्ताओं की ओर से कहा गया कि किसी वादकारी को परेशान नहीं किया गया है, केवल लोक अदालत में काम कर रहे अधिवक्ताओं से कार्य बहिष्कार में शामिल होने का आग्रह किया गया।
करीब डेढ़ घंटे बाद सामान्य हुआ कामकाज
हंगामे के चलते करीब डेढ़ घंटे तक राष्ट्रीय लोक अदालत का काम प्रभावित रहा। बातचीत के बाद करीब डेढ़ बजे व्यवस्था सामान्य हुई और वादकारियों की समस्याएं सुनी गईं। इसके बाद लोक अदालत में कामकाज दोबारा शुरू हुआ।