बार एसोसिएशन और लॉयर्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से सैकड़ों अधिवक्ता पहुंचे। अधिवक्ताओं के दो दिन के न्यायिक कार्य बहिष्कार के चलते अदालतों में सन्नाटा पसरा रहा। दूर-दराज से मुकदमों की सुनवाई के लिए पहुंचे वादकारियों को तारीख लेकर वापस लौटना पड़ा।
राष्ट्रीय लोक अदालत के बहिष्कार का ऐलान
सम्मेलन में अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने, वरिष्ठ अधिवक्ताओं को पेंशन देने, वकीलों से जुड़े मुकदमों को गैर जनपद स्थानांतरित करने के फैसले पर पुनर्विचार करने और हड़ताल की अंडरटेकिंग नहीं देने समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई। इन मुद्दों पर आम सहमति से प्रस्ताव पारित किए जाने की बात कही गई।
कई जिलों से पहुंचे सैकड़ों अधिवक्ता
सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से अधिवक्ताओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। गोरखपुर, गाजीपुर, संत कबीर नगर, हरदोई, आजमगढ़, रामपुर, बिल्हौर, लालगंज, प्रतापगढ़, कानपुर देहात, महोबा, प्रयागराज, डेरापुर, कौशांबी, रायबरेली, गाजियाबाद, हापुड़ और इटावा समेत कई स्थानों से अधिवक्ता पहुंचे।
रायबरेली से दो दर्जन से अधिक अधिवक्ता सम्मेलन में शामिल होने कानपुर पहुंचे। बाहर के जिलों से आए अधिवक्ताओं का बार एसोसिएशन और लॉयर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने स्वागत किया और उन्हें मंच पर स्थान दिया।