कानपुर कचहरी में चुनाव के दौरान दोपहर से ही कुछ बाहरी युवाओं ने आकर पुलिस के सामने ही माहौल बिगाड़ना शुरू कर दिया था। इसे लेकर शाम तक कचहरी में खून बहने की चर्चा अधिवक्ताओं में आम हो गई थी। इसके बाद भी पुलिस और एलआईयू को इसकी भनक तक नहीं लग सकी। हत्यारों ने शाम को गौतम की गोली मार कर हत्या कर दी।
घटना को लेकर अधिवक्ताओं में पुलिस के खिलाफ रोष व्याप्त है। गौतम की हत्या के बाद अधिवक्ताओं में चर्चा रही कि बार एसोसिएशन के चुनाव में युवा प्रत्याशियों ने बाहरी लड़कों की भीड़ जुटाई थी। इनमें से कई युवा आसपास के कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र बताए गए। मतदान के दौरान भी इन्हीं युवाओं ने शांतिप्रिय ढंग से हो रहे मतदान में खलल डाला था। कुछ युवक मतदान स्थल के अंदर घुसे थे और अचानक गाली गलौज शुरू कर दी।
इसे लेकर वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने अपना विरोध भी दर्ज कराया था। वहीं, चुनाव की तैयारियों को लेकर दिनभर भारी पुलिस फोर्स मौजूद रहा। इसके बाद भी अधिवक्ताओं के चुनाव में बाहरी युवा बिना किसी रोकटोक माहौल बिगाड़ने में लगे रहे। अधिवक्ताओं में चर्चा रही कि दिन में ही हत्या की स्क्रिप्ट लिख दी गई थी। शाम को हत्यारे घटना को अंजाम देकर फरार हो गए और मौके पर मौजूद पुलिस मूक दर्शक बनी खड़ी रही। वहीं, एलआईयू की सतर्कता भी पूरी तरह से फेल साबित हुई।
चुनाव की प्रक्रिया और व्यवस्था में परिवर्तन का प्रयास
घटना के बाद पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने बताया कि बार एसोसिएशन के चुनाव की प्रक्रिया और व्यवस्था पर गहन विचार एवं परिवर्तन के लिए बार के वरिष्ठ सदस्यों के साथ मिलकर समीक्षा की जाएगी ताकि दोबारा इस तरह की घटना न हो सके।
अधिवक्ता की हत्या की इस दुखद घड़ी में पुलिस परिवार के साथ हैं। उन्हें न्याय दिलाया जाएगा। घटना की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। घटना स्थल के आसपास कई कैमरे लगे थे, जिनके सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
असीम अरुण, पुलिस कमिश्नर