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Kanpur: श्यामनगर में भूमाफिया ने 230 करोड़ की जमीन बेच डाली, 100 से ज्यादा मकान बन गए, जांच शुरू

Sun, 30 Oct 2022 12:36 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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श्याम नगर में अवैध निर्माण - फोटो : अमर उजाला
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कानपुर में श्याम नगर में भूमाफिया ने 29 बीघा सरकारी जमीन पर अवैध रूप से प्लाटिंग कर बेच डाली। केडीए की मिलीभगत से करीब 150 प्लाटों की रजिस्ट्री भी कर दी गई। कई प्लाट में मकान भी बन गए हैं। कुछ में निर्माण जारी है। जमीन की कीमत करीब 230 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

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एक जनप्रतिनिधि ने डेढ़ साल पहले तत्कालीन केडीए उपाध्यक्ष से लेकर तब के कमिश्नर तक से शिकायत की थी, पर केडीए ने खतौनी में भूमाफिया की मिलीभगत से हुए खेल को अनदेखा कर दिया। अब मंडलायुक्त डॉ. राजशेखर के आदेश पर केडीए ने त्रिस्तरीय जांच शुरू की है।

श्याम नगर में 37वीं वाहिनी पीएसी गेट के पास चहारदीवारी से लगी दहेली सुजानपुर की जमीन (आराजी संख्या-813) सरकारी और निजी है। इसमें केडीए ने सुजातगंज आवासीय योजना के विस्तार का निर्णय लिया था। इसके लिए लेआउट प्लान भी बनाया था।

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केडीए उपाध्यक्ष अरविंद सिंह के निर्देश पर जब इस मामले की जांच शुरू हुई तो पता चला कि हाईकोर्ट में 27 जुलाई 2007 से स्टे की अपील लंबित है, जिसका नंबर 34591/2007 है। इसके बाद भी लंबित केस को खतौनी में दर्ज कराने के लिए केडीए की तरफ से प्रयास नहीं किए गए।

उसी समय खतौनी में केडीए का नाम दर्ज होता तो लोग ठगी का शिकार होने से बच सकते थेे। इसी बीच इस जमीन पर अवैध रूप से प्लाटिंग कर मोहल्ला बसा दिया गया। भूमाफिया ने न तो केडीए से ले-आउट पास कराया और न ही इन प्लाटों में बने मकानों के नक्शे पास कराए गए। प्लाट खरीदने वालों को वह नक्शा दिखाया गया, जो बिल्डर से बनवाया गया था। प्रवर्तन विभाग की मिलीभगत से वहां सौ से ज्यादा मकान भी बन गए। 
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त्रिस्तरीय जांच शुरू
कमिश्नर के आदेश पर केडीए में त्रिस्तरीय जांच शुरू हो गई है। प्रवर्तन विभाग यह जांच करेगा कि बिना नक्शा पास हुए वहां मकान कैसे बने? अभियंत्रण विभाग जांच करेगा कि सुजातगंज योजना के विस्तार की कार्ययोजना को मूर्तरूप क्यों नहीं दिया गया? लैंड बैंक यह जांच करेगा कि अपनी जमीन पर कब्जा बरकरार रखने में किस स्तर से और किस प्रकार लापरवाही हुई? खतौनी में यह दर्ज है कि जमीन अंबिका प्रसाद तिवारी आदि ने बेची, जिन्हें जमीन बेची गई उसमें एक हाउसिंग सोसाइटी भी है। हाईकोर्ट में मामला लंबित होने के बाद भी 15 वर्षों से जमीन की खरीद-फरोख्त जारी है।

वहां कोई लेआउट प्लान या नक्शा पास नहीं है। प्रवर्तन विभाग ने चार वर्ष पहले वहां हो रहे अवैध निर्माणों पर नोटिस दिए थे। वहां बने सभी मकानों की सूची तैयार की जा रही है। नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अवैध निर्माण ध्वस्त भी किए जा सकते हैं।- धीरेंद्र बाजपेई, अधिशासी अभियंता केडीए

केडीए ने श्याम नगर की जमीन के अभिलेखों की जांच शुरू कर दी गई है। देखा जा रहा है कि जमीनें कब-कब बिकीं और खतौनियों में इसे कब-कब चढ़ाया गया है।- अवनीश सिंह, विशेष कार्याधिकारी, केडीए
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