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Dengue in Kanpur : 'टाइगर' हुआ मजबूत, पुरानी दवाएं बेअसर, एक किमी तक फैलाता है डेंगू, जानिए कैसे बचें

Sun, 30 Oct 2022 12:30 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

उत्तर प्रदेश के कानपुर में डेंगू फैलाने वाले टाइगर मच्छर ने हमला तेज कर दिया है। यही नहीं, यह पहले से और मजबूत हो गया है। इसने कीटनाशक के प्रति प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर ली है। इसके चलते डेंगू के संक्रमण का फैलाव बढ़ता जा रहा है।
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डेंगू - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कानपुर में डेंगू फैलाने वाला एडीज (टाइगर) मच्छर और मजबूत हो गया है। पुरानी दवाएं असर नहीं कर रही हैं। साथ ही यह कम से कम एक किमी की परिधि में घूमकर डेंगू फैला सकता है। यह बात जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के एक अध्ययन में पता चली थी।

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विशेषज्ञों का कहना है कि छिटपुट फॉगिंग से इस मच्छर का कुछ नहीं बिगड़ने वाला। इस पर असर करने के लिए मच्छर के रूटीन का अध्ययन करके फॉगिंग कराई जाए। फॉगिंग कब घरों के अंदर की जाए और कब बाहर की जाए? यह जानने के बाद ही फॉगिंग का असर होगा।

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. सुरेशचंद्र का कहना है कि लोगों ने जगह-जगह कूड़ाघर बना रखे हैं और जलभराव रहता है। घर को साफ कर समझते हैं कि वे सुरक्षित हैं लेकिन ऐसा नहीं है। मच्छर एक किमी परिधि में घूमा करता है।

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अगर इस परिधि में कहीं भी जलभराव है,तो मच्छर डेंगू संक्रमित कर सकता है। रोग से बचने के लिए क्षेत्र का साफ होना जरूरी है। उन्होंने बताया कि कई साल पहले जब डीडीटी से मच्छर रिसेस्टेंट हुए तो अध्ययन कराया गया था। उसमें यह स्थिति सामने आई थी, ठीक वैसी ही स्थिति अब भी है।

अगर सही ढंग से फॉगिंग नहीं हुई तो मच्छर नहीं मरेगा। धुएं से बेहोश भर हो सकता है। इसके बाद और रिसेस्टेंट हो जाएगा। एडीज मच्छर अब सालभर जीवित रहता है। कड़कड़ाते जाडे़ और झुलसाऊ गर्मी में बिल्कुल खत्म नहीं होता।

गोधूलि में फॉगिंग करें बाहर, दिन में अंदर
जिला मलेरिया अधिकारी एके सिंह का एडीज एजिप्टाई मच्छर दिन में बाहर नहीं निकलता, वह घर के अंदर रहता है। गोधूलि बेला में जब सूर्यास्त होता है, तो ये प्रजनन के लिए बाहर निकलते हैं। इस वक्त बाहर फॉगिंग की जानी चाहिए।

दिन में घरों के अंदर फॉगिंग तो ये मर जाएंगे। उड़ता हुआ मच्छर धुएं की चपेट में आकर मरता है। अगर बैठा है तो कोने-कोने में हल्का धुआं जा पाता है, उसे यह बर्दाश्त कर लेता है। इसके साथ ही मच्छरों की पनाहगाहें भी बढ़ गई हैं। छिटपुट फॉगिंग कर देने से इस पर अधिक असर नहीं होगा।
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आप यह करें
  • मिट्टी के तेल में मिलाकर पैराथ्रम का घर में स्प्रे करें।
  • छिड़काव दीवार के नीचे से करें, मच्छर नीचे की तरफ रहता है।
  • दवा का छिड़काव करके थोड़ी देर के लिए घर के बाहर निकल जाएं।
  • डीडीटी या दूसरी दवाओं का असर 75 दिन तक रहता है।
  • बाहर जलभराव हो तो जला हुआ डीजल पानी की सतह पर डाल दें।
  • खुले बर्तन में पानी भर कर न रखें।
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