इस पूरे मामले में पहले वाहन रजिस्टेशन के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी। जब मामला मीडिया की सुर्खिंया बना, तो तंबाकू कारोबारी के बेटे शिवम मिश्रा का नाम सामने आया। पहले एफआईआर में केवल वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर का उल्लेख था। परिवार ने शुरू से ही शिवम को बेगुनाह बताया। साथ ही, पुलिस पर दबाव बनाने का आरोप लगाया था।