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Kanpur: ट्रैफिक पुलिस का होमवर्क अधुरा, टल गई ई-रिक्शों की क्लास, एडीसीपी बोले- 10 दिन में मिलेंगे क्यूआर कोड

Wed, 11 Feb 2026 12:40 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: कानपुर में ई-रिक्शा के संचालन को सात जोन में बांटने की ट्रैफिक पुलिस की योजना 10 फरवरी की समय सीमा पार कर गई है। क्यूआर कोड न बंट पाने के कारण अभी शहर के प्रमुख चौराहों पर ई-रिक्शा की मनमानी और जाम की स्थिति बनी रहेगी।
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कर्नलगंज थाना के सामने ही चालकों ने सवारीयां भरने के लिए खडा कर रखा ई-रिक्शा - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर शहर में ई-रिक्शा चालकाें की मनमानी अभी जारी रहेगी। वह जहां से चाहे सवारी उठाएंगे और जहां मन करेगा उनको छोड़ेंगे। ट्रैफिक पुलिस की प्लानिंग अभी सिरे नहीं चढ़ सकी है। नए सात जोन में ई-रिक्शा के संचालन को लेकर होमवर्क चल रहा है। इनके संचालन के लिए 10 फरवरी से व्यवस्था शुरू होनी थी, लेकिन अभी 10 दिन से अधिक समय लग सकता है।

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चालकों को मुफ्त में क्यूआर कोड वितरित किए जाएंगे। शहर के चौराहों, तिराहों और प्रमुख सड़कों पर जाम की समस्या बनी रहती है। यह सुबह और शाम के समय अधिक विकराल होती है। चकेरी, कल्याणपुर, बजरिया, इंद्रानगर, बिठूर तिराहा, गोविंदनगर, किदवईनगर, सिविल लाइंस, मूलगंज, फजलगंज समेत अन्य क्षेत्रों में स्कूलों की छुट्टियों के समय वाहनों की लंबी लाइन लगती है।

ई-रिक्शा चालक को क्यूआर कोड नहीं मिला सका
पुलिस, आरटीओ, परिवहन, जिला प्रशासन समेत अन्य विभागों की जांच में जाम की एक वजह ई-रिक्शा और ई-ऑटो की अधिकता मिली है।  यह सवारियां बैठाने के चक्कर में अक्सर आड़े-तिरछे वाहन खड़ा कर देते हैं जिससे जाम विकराल रूप ले लेता है। पिछले दिनों ट्रैफिक विभाग की ओर से सात जोन में ई-रिक्शा के संचालन की प्लानिंग बनाई गई थी और 10 फरवरी से व्यवस्था लागू होनी थी। मंगलवार को किसी भी ई-रिक्शा चालक को क्यूआर कोड नहीं मिला सका है।

गुटैया क्रासिंग से देवकी पैलेस चौराहे की ओर जाने वाले मार्ग पर ऑटो व ई-रिक्शा चालकों ने घेर रखी है स - फोटो : amar ujala
सात जोन में ई-रिक्शा चलने की प्लानिंग
ट्रैफिक पुलिस की ओर से सात जोन में ई-रिक्शा के चलने की प्लानिंग की गई है। वाहन स्वामी को रजिस्ट्रेशन, बीमा, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और फिटनेस प्रमाण पत्र देने पर क्यूआर कोड दिया जाएगा। यह क्यूआर कोड निशुल्क मिलेंगे। कोड अलग-अलग रंगों के होंगे जिससे ट्रैफिक और थाना पुलिस को रूट पहचानने में आसानी होगी।

चालकों के क्षेत्र के नजदीक होगा जोन
अधिकारियों के मुताबिक जोन चालकों के क्षेत्र के नजदीक होगा। शहर में 65 हजार से अधिक ई-रिक्शा संचालित हो रहे हैं। इनमें आधे से कम ही पूरी तरह से फिट हैं। ट्रैफिक, नगर निगम और आरटीओ की ओर से पूर्व में भी कई अभियान चलाकर क्यूआर कोड बांटे गए थे।
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घंटाघर चराहे पर सड़क पर खड़े ई रिक्शा - फोटो : amar ujala
ई-रिक्शा को सात जोन में संचालित करने की तैयारी चल रही है। अगले 10 दिन में क्यूआर कोड जारी कर दिए जाएंगे। ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर कार्य चल रहा है।  -राजेश कुमार पांडेय, एडीसीपी ट्रैफिक
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