हादसे से नाराज मजदूरों ने कार्यदायी संस्था पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए काम बंद कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेने के साथ ही मृतक के परिजनों को सूचना दे दी है। थानाप्रभारी ने बताया कि मृतक के परिजनों के आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
13 लाख रुपये आर्थिक सहायता का आश्वासन
कार्यदायी संस्था के पदाधिकारी मंटू सिंह ने मृतक के परिजनों को 13 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की बात कही है। हालांकि साथी मजदूर रमाकांत व अन्य 50 लाख के मुआवजे की मांग पर अड़े हैं।
लग होता जाल तो बच जाती जान
साथी कर्मचारी रमाकांत ने पुलिस को बताया कि चिमनी में हर 10 फीट पर जाल बांधा जाता है। दो सप्ताह पहले जाल फट गया था। इसके बाद संस्था ने जाल नहीं लगवाया। इसके अलावा सेफ्टी बेल्ट भी पुरानी व कमजोर थी। वहीं स्थानीय लोगोें का कहना था कि मजूदर ने सुरक्षा बेल्ट तो लगा रखी थी, लेकिन रस्सी नहीं बांधी थी।