मौत और लूट के बारे में अलग-अलग बयान दिए
लेकिन उन्होंने पुलिस को रात 10 बजे के आसपास जानकारी दी। अमरीश से झगड़कर पिछले तीन साल से गोविंदनगर स्थित मायके में रहने वाली नेहा ने भी सास की मौत और लूट के बारे में अलग-अलग बयान दिए थे। इन बातों से ही अमरीश पुलिस के शक के घेरे में था।
गहने बरामद कराने के लिए देर रात तक टहलाता रहा
सूत्रों के अनुसार गुरुवार को अमरीश ने पुलिस से हत्या की बात स्वीकार कर ली, लेकिन गहने बरामद कराने के लिए देर रात तक टहलाता रहा। कभी मंदिर वाले कमरे में तो कभी दीवान में गहने होने की बात बताता रहा, लेकिन गहने कहीं मिले नहीं।
पति, पत्नी और एक अन्य हिरासत में
पुलिस दो दिन से अमरीश, उसकी पत्नी और एक अन्य व्यक्ति को हिरासत में लेकर मामले को सुलझाने में लगी है। तीसरा व्यक्ति भी अमरीश और नेहा में से एक का करीबी है। उसका उमा के घर आना जाना था। नेहा के बिना गोविंदनगर स्थित ननिहाल में उसके दोनों बच्च भी रो-रोकर बुरा हाल है।
किसी को वारदात की जानकारी हुई कि नहीं
अमरीश मंगलवार दोपहर एक बजे के आसपास घर आया था। उसी वक्त उसने वारदात को अंजाम दिया। फिर वह शाम छह बजे आया और बगल में रहने वाली चाची के घर चाय पीने के बहाने यह देखने आया था कि किसी को वारदात की जानकारी हुई कि नहीं।
अमरीश बार-बार बयान बदल रहा है। साक्ष्य भी उसके खिलाफ हैं। इससे तय है कि वारदात में किसी बदमाश का हाथ नहीं है। सिर्फ गहनों की बरामदगी न होने से मामले के खुलासे में पेच फंस रहा है। पुलिस प्रयास कर रही है, जल्द खुलासा होगा। -एसएम कासिम आबिदी, डीसीपी पश्चिम