पनकी में करीब 65 साल से कानूनी विवाद में फंसी करोड़ों की जमीन आखिरकार कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) के कब्जे में आ गई। हाईकोर्ट से 27 अक्तूबर को प्राधिकरण के पक्ष में फैसला आया। इसके बाद शनिवार को केडीए की टीम पनकी एमआईजी रोड स्थित पंचमुखी अपार्टमेंट के सामने पहुंची। जमीन पर बैरिकेडिंग शुरू करा दी।
अधिशासी अभियंता मयंक यादव ने बताया कि करीब 15 हजार वर्गमीटर जमीन पर वर्षों से अवैध कब्जा था। हाईकोर्ट का फैसला प्राधिकरण के पक्ष में आने के बाद लगभग 60 करोड़ रुपये कीमत की जमीन कब्जामुक्त कराई गई है। जमीन को सुरक्षित करने के लिए बैरिकेडिंग कराई जा रही है।
वहीं, दूसरे पक्ष के सुमित मखीजा ने कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट का फैसला सर्वोपरि है लेकिन प्राधिकरण को कार्रवाई से पहले नोटिस जारी कर कुछ समय की मोहलत देनी चाहिए थी। बिना पर्याप्त समय दिए कार्रवाई करना उचित नहीं है।