आचार्य नरेंद्र शास्त्री ने बताया कि सोमवार को आयोजित यह विशेष भस्म आरती भक्तों के उज्ज्वल भविष्य और उत्तम स्वास्थ्य की कामना के लिए की गई। उन्होंने बताया कि शास्त्रों के अनुसार, जो भी श्रद्धालु प्रातः काल बाबा महाकाल की भस्म आरती के दर्शन करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और उसे शत्रु बाधाओं से मुक्ति मिलती है।
भोर 4 बजे उमड़े सैकड़ों भक्त, भक्तिमय हुआ माहौल
प्रातः बेला में आयोजित इस भव्य आरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया। कार्यक्रम के दौरान 'हर-हर महादेव' और 'जय महाकाल' के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान रहा।