छठ में घर पहुंचने के लिए ट्रेनों और बस अड्डों पर भीड़ उमड़ रही है। शनिवार को कानपुर सेंट्रल स्टेशन से लेकर झकरकटी बस अड्डे तक भीड़ दिखाई दी। कोई छठ मइया के गीत गुनगुना रहा था तो कोई अपने बच्चे को गोद में लिए ट्रेन के दरवाजे पर जगह ढूंढ रहा था। ट्रेनों की गैलरी में भी खड़े होने की जगह नहीं थी।
शनिवार दोपहर से ही सेंट्रल स्टेशन पर भीड़ बढ़नी शुरू हो गई थी। बिहार और पूर्वांचल की ओर जाने वाली संपर्क क्रांति, पूर्वा एक्सप्रेस, पटना राजधानी, सीमांचल, भागलपुर एक्सप्रेस जैसी ज्यादातर ट्रेनें पूरी तरह भरकर गईं। जनरल डिब्बों में खड़े होने तक की जगह नहीं थी।
स्टेशन पर यात्रियों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
कुछ यात्री ऊपर की बर्थ पर लटके थे तो कई शौचालय में खड़े मिले। दरवाजे से लेकर गैलरी तक पैर रखने की जगह नहीं बची। आरपीएफ प्रभारी एसएन पाटीदार वंदे भारत जैसी ट्रेनों में लाउडहेलर से घोषणा कर यात्रियों को लाइन में लगवाने की कोशिश करते दिखे।
ट्रेन में यात्रियों की भीड़
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वैशाली, विक्रमशिला, पूर्वा, सीमांचल, महानंदा, महाबोधि, ब्रह्मपुत्र मेल जैसी ट्रेनों के स्लीपर और जनरल कोच खचाखच भर कर गए। कई जगह जीआरपी और आरपीएफ को भीड़ संभालने में पसीने छूट गए।
ट्रेन में यात्रियों की भीड़
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दिवाली बाद काम पर लाैटने वालों की भीड़ भी देखी जा रही है। श्रमशक्ति एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में स्लीपर क्लास की वेटिंग 300 के पार पहुंच गई है। ट्रेन में जगह न मिलने पर लोग बसों की तरफ रुख कर रहे हैं।
ट्रेन में यात्रियों की भीड़
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झकरकटी बस अड्डा पर गोरखपुर, बलिया, जौनपुर, आजमगढ़ रूट की बसें हर 10 मिनट में फुल होकर रवाना हो रही हैं। एआरएम पंकज कुमार ने बताया कि यात्री बढ़ने पर अतिरिक्त बसें चलाई जा रही हैं और 30 अक्तूबर तक रिजर्व बसें तैयार रखी गई हैं।