सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही है पुलिस
अस्पताल में देखभाल के लिए उनके बड़े भाई रघुनंदन और सास निर्मला थीं। परिजन ने बताया कि रात करीब नौ बजे शिवनंदन बाइक से खाना लेकर अस्पताल लौट रहे थे। बिठूर-मंधना एलिवेटेड हाईवे पर बिल्हौर की ओर से आ रहा तेज रफ्तार वाहन टक्कर मार भाग निकला। शिवनंदन बाइक से उछलकर सड़क पर गिरे। तभी पीछे से आए चार वाहन उन्हें रौंदते हुए निकल गए जिससे मौके पर ही मौत हो गई। बिठूर थाना प्रभारी अशोक कुमार सरोज ने बताया कि तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। हादसे में टक्कर मारने वाले वाहन का पता लगाने के लिए सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं।
पिता की गोद खाली रह गई
चंद्रिका गांव के रहने वाले शिवनंदन सिंह और उनकी पत्नी जूली के लिए यह दिन किसी सपने के सच होने जैसा था। कई बार उम्मीद जगी, कई बार टूटी लेकिन इस बार किस्मत ने 10 साल बाद जैसे उनकी झोली भर दी थी। अस्पताल में बेटे को जन्म देने के बाद उनके चेहरे पर एक अलग ही चमक थी। आंखों में खुशी के आंसू लिए शिवनंदन दौड़-दौड़ हर छोटी-बड़ी जरूरत का ध्यान रख रहे थे। उन्होंने बेेटे होने की बधाई तुरंत गांव में सबको फोन करके दी। घर पर मिठाइयां बांटी गईं, बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया लेकिन कुछ ही घंटे में शायद किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। जिस गोद में उन्होंने बेटे को उठाने का वर्षों तक सपना देखा था, वह गोद हमेशा के लिए खाली रह गई।