फार्मर रजिस्ट्री कराने को किसानों की लगी भीड़
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कानपुर में आधार कार्ड और खतौनी में नाम की मामूली गड़बड़ी से हजारों किसानों की फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। आधार में कन्हैया लाल तो खतौनी में कैन्हयालाल, जिया राम की जगह जै राम तो कहीं नाम के आगे सिंह या कुमार नहीं होने जैसी मामूली गलतियां किसानों के जी का जंजाल बन गई हैं। फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पाने का सीधा असर किसानों को मिलने वाली सरकारी योजनाओं पर पड़ रहा है।
सबसे बड़ी चिंता यह है कि खरीफ सीजन में किसानों को न तो समय पर डीएपी मिल रही है न यूरिया। नाम में अंतर के कारण किसान रोजाना तहसीलों के चक्कर काट रहे हैं। अधिकारियों के निर्देश पर शपथ पत्र भी जमा कराए जा रहे हैं। इसके बावजूद नामों में सुधार की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही। नतीजा यह है कि खेतों में फसल खड़ी है और किसान सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।