जाजमऊ गंगा पुल की बेयरिंग बदलने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) एक सितंबर से तीन माह का ब्लॉक लेने की तैयारी में है। इसके लिए कानपुर, उन्नाव व लखनऊ के डीएम और एसपी को डायवर्जन के लिए पत्र भेजा है। यह पुल तीन माह के लिए बंद कर दिया जाएगा।
एनएचएआई अब लखनऊ से कानपुर की ओर आने वाले करीब सात सौ मीटर लंबे पुल की बेयरिंग बदलवाने का काम शुरू कराने जा रहा है। यातायात सुचारु बनाए रखने के लिए विस्तृत डायवर्जन योजना तैयार की गई है। एनएचएआई अधिकारियों का कहना है कि काम के दाैरान शहर के भीतर भारी वाहनों की आवाजाही कम करने के लिए आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे, एनएच-30, एनएच-31, एनएच-34, एनएच-335 व अन्य वैकल्पिक मार्गों का उपयोग कराया जाएगा।
हमीरपुर, बांदा जाने वाले वाहनों में अधिक असर
डायवर्जन का सबसे अधिक असर हमीरपुर और बांदा की ओर जाने वाले वाहनों पर पड़ेगा। इन मार्गों पर यात्रियों व मालवाहक वाहनों को करीब 75 किमी अतिरिक्त दूरी तय करनी होगी। उन्नाव से इटावा जाने वाले वाहनों को करीब 30 किमी अधिक चलना पड़ेगा। लखनऊ से कन्नौज जाने वाले वाहनों के लिए नया मार्ग राहत भरा साबित होगा क्योंकि इस रूट पर करीब 60 किमी की दूरी कम हो जाएगी।
05.60 करोड़ का ठेका
पुल की बेयरिंग बदलने का काम महाराष्ट्र की कंपनी रीहैवलीटेशन इंजीनियरिंग को 05.60 करोड़ में 11 अप्रैल को दिया गया था। यह कार्य पूरा करने की अवधि छह माह निर्धारित है जो इस साल 12 दिसंबर को पूरी होगी।
डायवर्जन की रूपरेखा तैयार है लेकिन अभी सावन माह की वजह से इस पुल से कांवड़ियों का आना-जाना रहता है। इस वजह से एक सितंबर से डायवर्जन लेने के लिए पत्र भेजा है। - पंकज यादव, परियोजना निदेशक, एनएचएआई