आईआईटी कानपुर के छात्रों के व्यक्तित्व विकास, सकारात्मक सोच विकसित करने और तनाव भगाने के लिए तकनीक के साथ अध्यात्म का सहारा लिया जाएगा। संस्थान ने इसके लिए इस्कॉन कानपुर के साथ एमओयू साइन किया है। यह निर्णय आईआईटी में हो रही आत्महत्याओं को रोकने और तनाव प्रबंधन के लिए हुआ है। इस्कॉन के विशेषज्ञ छात्रों में मूल्य आधारित शिक्षा, नैतिक नेतृत्व, चरित्र निर्माण और समग्र कल्याण को बढ़ावा देंगे।
पिछले कुछ वर्षों से लगातार हो रही आत्महत्याओं ने आईआईटी कानपुर प्रशासन को झकझोर कर रख दिया। संस्थान ने पहले भी छात्राें के लिए काफी प्रयत्न किए हैं। छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए व्यापक इंतजाम किए। यहां नौ प्रोफेशनल काउंसलर हैं, जिनमें मनोवैज्ञानिक और मनोचिकित्सक दोनों शामिल हैं। यह 24 घंटे उपलब्ध रहते हैं। 24 घंटे ऑनलाइन हेल्पलाइन की व्यवस्था है।
छात्रों के बीच सकारात्मकता बढ़ाने के लिए इस्कॉन का सहारा लिया जा रहा है। समझौते के तहत इस्कॉन आईआईटी कानपुर के इच्छुक छात्रों के लिए स्वैच्छिक शैक्षिक एवं वेलनेस कार्यक्रम संचालित करेगा। आत्म-प्रबंधन, तनाव प्रबंधन, व्यक्तित्व विकास, आत्म-सम्मान और मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषयों पर प्रमाणित पाठ्यक्रम शामिल होंगे। प्रत्येक पाठ्यक्रम में एक-एक घंटे के आठ सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में भागीदारी पूरी तरह स्वैच्छिक होगी।
कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को शैक्षणिक शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों, आत्म-अनुशासन और संतुलित जीवनशैली के प्रति प्रेरित करना है। एमओयू कार्यक्रम में इस्कॉन कानपुर की ओर से अध्यक्ष प्रेम हरिनाम दास और आईआईटी कानपुर की ओर से डीन ऑफ स्टूडेंट्स अफेयर्स प्रो. प्रतीक सेन ने हस्ताक्षर किए।
कुछ प्रमुख आत्महत्याएं
19 दिसंबर 2023 : शोध सहायक स्टाफ डॉ. पल्लवी चिल्का
10 जनवरी 2024 : एमटेक छात्र विकास मीणा
18 जनवरी 2024 : पीएचडी छात्रा प्रियंका जायसवाल
10 अक्टूबर 2024 : पीएचडी छात्रा प्रगति
10 फरवरी 2025 : पीएचडी रिसर्च स्कॉलर अंकित यादव
25 अगस्त 2025 : सॉफ्टवेयर डेवलपर दीपक चौधरी
01 अक्तूबर 2025 : बीटेक अंतिम वर्ष के छात्र धीरज सैनी
29 दिसंबर 2025: बीटेक छात्र धीरा
20 जनवरी 2026: रामस्वरूप ईश्वराम