सोशल मीडिया के माध्यम से हुई थी बातचीत
इरशाद के खिलाफ धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम, बंधक बनाने और धमकाने की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। मूलरूप से हरदोई निवासी महिला ने पुलिस को बताया कि 2017 में सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से विशाल से बातचीत हुई। उसने खुद को हिंदू बताया।
इरशाद के व्यवहार में परिवर्तन आ गया
महिला के अनुसार परिजन को बिना बताए घर से निकल आने के कारण उस वक्त मजबूरीवश शादी कर ली। पीड़िता के अनुसार इरशाद के व्यवहार में परिवर्तन आ गया। वह पूजा-पाठ करने से रोकने लगा। जबरन मांस खिलाने का प्रयास करता। विरोध पर पीटना शुरू कर दिया। कई बार धर्मांतरण का प्रयास किया।
बच्चे का खतना करवाने का प्रयास किया
इसी बीच दोनों के एक बेटा हुआ, जिसका नाम आदि रखना चाहा, लेकिन इरशाद ने जबरन उसका नाम आरिस रख दिया। बच्चा ढाई साल का हुआ तो खतना करवाने का प्रयास किया। विरोध करने पर बच्चे के साथ एक कमरे में बंद कर दिया। आरोप है कि सात माह पहले इरशाद एक दूसरी युवती को घर ले आया। इसके बाद यातनाएं और बढ़ गईं।
इरशाद को गिरफ्तार किया गया
दूसरी युवती भी छह माह की गर्भवती है। पनकी इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट ने बताया कि सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, तो एक कमरे में महिला और उसका बच्चा जबकि दूसरे कमरे में एक युवती और इरशाद मिला। पुलिस दोनों महिलाओं और बच्चे को लेकर थाने आई। इरशाद को गिरफ्तार किया गया है।
नहीं बचा था कोई विकल्प
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह पांच भाई-बहनों में सबसे छोटी है। विशाल ने सोशल मीडिया के जरिये बातचीत शुरू की। हरदोई मिलने भी आया। उसने कोर्ट मैरिज का दबाव बनाया। वह भाग कर कानपुर आ गई। दस्तावेजों में जब नाम देखा तब उसकी असलियत पता चली। परिजन खिलाफ हो चुके थे इसलिए उससे शादी के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।
घर से बाहर कदम रखने की थी मनाही
पीड़िता के अनुसार इरशाद के माता-पिता की मौत हो चुकी है। वह होलसेल जूते का कारोबार करता है। शादी के बाद उसे लेकर आगरा, लखनऊ में रहा। जनवरी 2026 में पनकी में किराये के घर में लेकर आ गया। इस दौरान उसे घर से बाहर कदम रखने की मनाही थी। विरोध पर पीटता था। किसी तरह बजरंगदल के एक कार्यकर्ता का नंबर मिला तो उन्हें पूरी घटना बताई तब जाकर यातना से मुक्ति मिली।
दूसरी युवती से इंटरव्यू में हुई मुलाकात
पनकी इंस्पेक्टर ने बताया कि दूसरी युवती ने पूछताछ में बताया कि वह मूलरूप से उन्नाव की रहने वाली है। तीन साल पहले वह किदवईनगर स्थित एक कंपनी के ऑफिस में इंटरव्यू देने आई थी। वहीं पर उसकी मुलाकात विशाल उर्फ इरशाद से हुई। दोस्ती के बाद दोनों ने डेढ़ साल पहले शादी कर ली। तब उसके मुस्लिम और शादीशुदा होने की जानकारी नहीं थी। सात महीने पहले इरशाद उसे लेकर पनकी में रहने आया।