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Kanpur: सीपी के पीआरओ रहे इंस्पेक्टर ने कई लोगों को पहुंचाया था अखिलेश दुबे के दरबार, एसआईटी को मिले साक्ष्य

Sat, 23 Aug 2025 11:13 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

तीन सीओ, एक इंस्पेक्टर, केडीए उपाध्यक्ष के मौजूदा व पूर्व निजी सचिव को नोटिस जारी करने के बाद एसआईटी की नजर अन्य विभागों पर ठभी टेढ़ी हो गई है। इनके खिलाफ भी अखिलेश दुबे के दरबार में हाजिरी लगाने और कई मामलों में मिलीभगत करने के साक्ष्य मिले हैं।
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अखिलेश दुबे केस - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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एसआईटी को पुलिस कमिश्नर के पीआरओ रहे इंस्पेक्टर आशीष द्विवेदी के कई लोगों को अखिलेश के दरबार में पहुंचाने के साक्ष्य मिले हैं। सबसे पहले भाजपा नेता रवि सतीजा ने ही उस पर केस खत्म कराने की बात कहकर अखिलेश दुबे से मुलाकात कराने का आरोप लगाया था। रवि सतीजा दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट की एफआईआर होने के बाद पुलिस कमिश्नर से मिलने गए थे। इंस्पेक्टर आशीष द्विवेदी पर जेल में बंद अधिवक्ता दीनू उपाध्याय और अखिलेश दुबे के लिए कार्य करने के कई गंभीर आरोप हैं। सोशल मीडिया पर दीनू उपाध्याय के साथ उसकी फोटो भी वायरल हो रही है।
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इसी तरह, एसआईटी के सामने शिकायतकर्ताओं ने बर्रा, नौबस्ता, किदवईनगर, जूही, गोविंदनगर थाने के पूर्व के कुछ इंस्पेक्टर, चौकी इंचार्ज के अखिलेश दुबे के साथ संलिप्त होने और विवादित मामलों की सूचना देने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने पूर्व की तहरीर भी दिखाई हैं जिसमें कार्रवाई करने की बजाय उल्टा उनके खिलाफ ही कार्रवाई की गई थी।

अखिलेश दुबे केस - फोटो : amar ujala
कई विभागों के कर्मचारियों पर एसआईटी की नजर टेढ़ी
तीन सीओ, एक इंस्पेक्टर, केडीए उपाध्यक्ष के मौजूदा व पूर्व निजी सचिव को नोटिस जारी करने के बाद एसआईटी की नजर अन्य विभागों पर ठभी टेढ़ी हो गई है। इनके खिलाफ भी अखिलेश दुबे के दरबार में हाजिरी लगाने और कई मामलों में मिलीभगत करने के साक्ष्य मिले हैं। एसआईटी की ओर से और भी कई कर्मचारियों को नोटिस भेजने की तैयारी है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक पुलिस, प्रशासन, राजस्व विभाग और केडीए के कुछ कर्मचारी अधिकारियों की ओर से जारी आदेश और शिकायतकर्ताओं की सूचना भी अखिलेश दुबे व उसके अन्य साथियों तक पहुंचाया करते थे। इनकी नजर विवादित प्लॉट और जमीन पर रहती थी जिससे उसका सौदा औने और पौने दाम पर हो सके। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जमीन और शिकायतकर्ता की जानकारी मिलने पर उसे घेरने की तैयारी होती थी। इसके लिए कई बार अधिकारियों के आदेश का हवाला दिया जाता था तो कई बार दूसरे पक्ष से धमकी मिलने की बात कही जाती थी। शिकायतकर्ता अगर थाने या पुलिस चौकी में शिकायत करता था तो उसकी सुनवाई नहीं होती थी। यही खेल राजस्व विभाग और केडीए में भी चलता था।
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केडीए वीसी ने निजी सचिव को पद से हटाया
अखिलेश दुबे से जुड़े पुलिस अधिकारियों और केडीए के दो कर्मचारियों के नाम एसआईटी का नोटिस जारी होने के बाद केडीए वीसी ने अपने वर्तमान निजी सचिव कश्यपकांत दुबे को निजी सचिव पद से हटा दिया है। कश्यपकांत पिछले करीब तीन साल से केडीए वीसी के सचिव का काम देख रहे हैं। अब वीसी के निजी सचिव का काम अमित श्रीवास्तव देखेंगे।
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