विनय के मुताबिक आईपीएस से भी उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। दूसरी ओर, इस तरह से प्रार्थना पत्र दिए जाने को पुलिस अधिकारी अनुशासनहीनता मान रहे हैं। इसके चलते देर शाम को विनय के निलंबन की भी काफी चर्चा रही। हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है लेकिन मामला महकमे में पूरे दिन चर्चा का केंद्र रहा।
कई थानों में भी सुलग रही असंतोष की चिंगारी
क्राइम ब्रांच और साइबर थाने की तरह शहर के कई थानों में भी जूनियर-सीनियर के घमासान की चिंगारी सुलग रही है। बताया जाता है कि कुछ थानों में जूनियर प्रभारी की जिम्मेदार निभा रहे हैं जबकि उनके सीनियर अधीनस्थ हैं। इससे भी काम के दौरान तालमेल की कमी देखी जा रही है।
इंस्पेक्टर का इस्तीफा मिला है। उस पर उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है। मामले में विचार कर आगे कोई निर्णय लिया जाएगा। - संकल्प शर्मा, अपर आयुक्त, मुख्यालय, क्राइम