आलोक श्रीवास्तव, यादवेंद्र सचान और असद इराकी
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अमेरिका-भारत मुक्त व्यापार समझौते पर असमंजस वाले वित्तमंत्री के बयान ने कानपुर के निर्यातकों में भी खलबली मचा दी है। शहर के निर्यातकों के लिए सबसे बड़े बाजार अमेरिका को होने वाले दो हजार करोड़ से ज्यादा का निर्यात दांव पर लगा है। निर्यातक पहले से ही टैरिफ, कच्चा माल की महंगाई, माल भाड़ा की बढ़ती कीमतों से जूझ रहे हैं। एक साल से अधिक समय से अमेरिकी टैरिफ की धमकियों से भी परेशान हैं।
अब भविष्य में भी जल्द समझौता न होने की अटकलों ने परेशानियां और बढ़ा दी हैं। अमेरिका के 22.50 प्रतिशत मौजूदा टैरिफ के कारण उत्पादों की लागत पहले ही बढ़ी है। अमेरिकी सीनेट ने तेल खरीद पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की अनुमति अमेरिकी राष्ट्रपति को दे दी है। अमेरिका में शहर के चमड़ा उत्पादों की सबसे ज्यादा मांग होती रही है।