दस्तावेजों की जांच-पड़ताल की
इसके अलावा लेखा पुस्तिकाएं, भुगतान रजिस्टर, बिल-वाउचर, बैंक खातों से संबंधित रिकॉर्ड, टीडीएस रिटर्न और चालान सहित अन्य दस्तावेजों की जांच-पड़ताल की गई। जांच में ये भी देखा गया कि अलग-अलग मदों में किए गए भुगतान पर निर्धारित दर से टीडीएस काटकर समय से सरकार के खाते में जमा किया गया है या नहीं। डिजिटल रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजों की भी पड़ताल की गई।
जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद
सूत्रों ने बताया कि कंपनी के पास देसी-विदेशी कई कंपनियों की डीलरशिप है। छह साल के दस्तावेजों को जांचा जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि सर्वे के दौरान टीडीएस कटौती में कमी, गलत कटौती, देरी से जमा करने या रिटर्न में विसंगति मिलती हैं तो नियमानुसार कर, ब्याज और जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।