आलोक श्रीवास्तव, प्रमुख, फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन ( उत्तर प्रदेश)
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अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर कानपुर के कारोबारियों पर फिर दिखने लगा है। होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने के बाद शिपिंग कंपनियों ने पहले तो नए ऑर्डर बुक करना बंद कर दिया इसके अलावा कुछ कंपनियों ने युद्ध जोखिम की बात कहकर भाड़ा भी बढ़ा दिया। जो भाड़ा पहले 40 हजार था, वो एक लाख रुपये हो गया है। दूसरी ओर तैयार माल गोदामों में रोक दिया गया है, जिससे कारोबारियों की कार्यशील पूंजी फंस गई।
इन हालात में शहर के कारोबारियों को करीब 80 करोड़ का झटका लगा है। निर्यातकों ने सरकार से राहत और सहायता की मांग की है। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम के बाद खाड़ी देशों और यूरोपीय बाजारों में नए सौदे होने लगे थे। पुराने ऑर्डर भी भेजे जा रहे थे। मांग बढ़ने पर कानपुर के निर्यातकों ने उत्पादन तेज कर दिया था, लेकिन दोबारा तनाव बढ़ने के बाद निर्यात क्षेत्र में फिर अनिश्चितता का माहौल बन गया है।