भीतरगांव में कुत्तों का आतंक
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ये भी कुत्तों का शिकार बन चुके हैं
रावतपुर की चाहत (9) व लक्ष्मी (7) रानी (50), बच्चूलाल (50) जिया (7) छोटू (6), तिवारीपुर साढ़ के विश्रामपाल (75), गोपालपुर के विद्यासागर ( 34 ), पड़री की आराध्या (10), पहेवा के संजय, सिरोह के रज्जावल (44), रातेपुर के प्रशांत (16), चिरली के सर्वेश ( 32 ) भी इन कुत्तों का शिकार बन चुके हैं। सभी का इलाज भीतरगांव सीएचसी में हुआ।
कुत्तों के हमले में घायल ग्रामीण
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चिड़चिड़ा और आक्रामक बना देती है
ग्रामीणों ने बताया कि कुत्ते एक के बाद एक कई लोगों को काटते हैं। पशुधन प्रसार अधिकारी डॉ. लाल प्रताप बताते हैं कि बारिश से भींगने पर नमी और गीलेपन के कारण कुत्तों को पिसुआ फंगल इन्फेक्शन दाद की शिकायत बहुत ज्यादा होती है। लगातार खुजली और जलन उन्हें बेहद चिड़चिड़ा और आक्रामक बना देती है।