वक्फ की संपत्तियों को ढूंढने में आईआईटी कानपुर अब उप्र सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के लिए एक डिजिटल मैप तैयार कर रहा है। इस डिजिटल मैप की मदद से वक्फ की संपत्तियों पर कब्जे की पूरी जानकारी मिल सकेगी। ज्योग्राफिकल इंफार्मेशन सिस्टम (जीआईएस) और ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) की मदद से डिजिटल मैप तैयार करेंगे। प्रथम चरण में कानपुर, मेरठ, आगरा, प्रयागराज, अयोध्या, झांसी, मिर्जापुर व चित्रकूट जिलों को शामिल किया गया है।
संपत्तियों पर कब्जे से परेशान उप्र सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिकों से इसका निदान मांगा था। आईआईटी के वैज्ञानिक प्रो. जावेद मलिक व उनकी टीम इसका सर्वे करेगी। इसके तहत मस्जिद, दुकान, घर और कृषि भूमि को चिह्नित किया जाएगा। इससे पहले पंजाब, गुजरात, आंध्र व हिमाचल प्रदेश में इसी तरह का डिजिटल मैप तैयार किया जा चुका है।
प्रो. जावेद ने बताया कि जीआईएस तकनीक में रिमोट सेंसिंग, डिजिटल तकनीक के साथ एरियल फोटोग्राफी व डिजिटल मैचिंग तकनीक का इस्तेमाल होता है। इसमें गणित, भूगोल, सांख्यिकी के अलावा कंप्यूटर ग्राफिक्स, प्रोग्रामिंग, डाटा प्रोसेसिंग का इस्तेमाल होता है। वहीं, जीपीएस में सेटेलाइट के माध्यम से लोकेशन पता चलती है।