फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

IIT Student Suicide: धीरज के मानसिक तनाव की नहीं मिली कोई रिपोर्ट, शव सड़ने से फर्श पर आया था खून

Fri, 03 Oct 2025 09:34 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: आईआईटी सूत्रों के मुताबिक, दिवंगत छात्र की मेडिकल रिपोर्ट में किसी भी मानसिक तनाव या गंभीर बीमारी की पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, धीरज के फंदा लगाने के 48 घंटे बाद शव से खून रिसकर बाहर आने पर अन्य छात्रों को अनहोनी की आशंका हुई, जिसके बाद घटना का खुलासा हुआ।
विज्ञापन
IIT Kanpur Student Suicide - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आईआईटी में इलेक्टि्रकल इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष के छात्र धीरज सैनी (22) ने फंदा लगाकर जान दे दी। उसका शव बुधवार को पुलिस ने कमरे का दरवाजा तोड़कर बाहर निकाला। वह रविवार की रात से छात्रावास में दिखाई नहीं दिया था। उसके कमरे से बदबू आने पर संस्थान प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी थी। छात्र के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस प्रथमदृष्टया खुदकुशी का कारण अवसाद में रहना मान रही है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

विज्ञापन

महेंद्रगढ़ के बुचौली रोड शकरकुई निवासी हलवाई सतीश सैनी का पुत्र धीरज आईआईटी के छात्रावास एक के कमरा नंबर 123 ए में रह रहा था। वह रविवार से छात्रावास में दिखाई नहीं दिया। बुधवार को उसके बगल के कमरे में रहने वाले छात्रों ने दुर्गंध की शिकायत की। दरवाजा खटखटाने पर कोई जवाब न मिलने पर प्रबंधन को जानकारी दी गई। वार्डन और आईआईटी के सुरक्षाकर्मियों ने जांच कर पुलिस को सूचित किया।

गुमसुम रहने के कारणों का लगाया जा रहा है पता
सुबह करीब नौ बजे कमरे का दरवाजा तोड़ा। अंदर धीरज का शव फंदे से लटकता मिला। पुलिस और फॉरेंसिक ने साक्ष्य जुटाए। छात्र का मोबाइल, लैपटॉप और अन्य वस्तुओं को कब्जे में ले लिया। छात्र के परिजनों को घटना की सूचना दी गई है। डीसीपी पश्चिम दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि छात्र के आत्महत्या करने की वजह पता नहीं चली है। उसके साथियों ने उसके कुछ दिनों से गुमसुम रहने की जानकारी दी है। किन कारणों से गुमसुम था इसका पता लगाया जा रहा है।

बेटे ने दिसंबर में घर आने की बात कही थी
सतीश सैनी ने बताया कि बेटे ने उन्हें किसी तरह की कोई परेशानी नहीं बताई थी। उसने दिसंबर में छुट्टियां होने पर घर आने की जानकारी दी थी। पांच दिन पहले बेटी मोनिका ने उसे कॉल की लेकिन उसने पढ़ाई में व्यस्त बताकर ज्यादा बात नहीं की थी। बाद में बात करने के लिए कहा था। सतीश के मुताबिक बेटे ने उन्हें मार्च में नौकरी मिलने व जनवरी से कैंपस में कंपनियों के इंटरव्यू के लिए आने की बात बताई थी।

छात्र के मानसिक तनाव की नहीं मिली कोई रिपोर्ट
आईआईटी सूत्रों के मुताबिक पुलिस और अधिकारियों ने उसकी मेडिकल रिपोर्ट संस्थान के हेल्थ सेंटर से जानी जिसमें उसके किसी तरह से तनाव में न होने की जानकारी मिली। धीरज को किसी तरह की गंभीर या लंबी बीमारी की जानकारी भी नहीं मिली।
विज्ञापन

कमरे से खून आने पर छात्र हुए भयभीत
धीरज के फंदा लगाने के 48 घंटे हो जाने से उसकी बॉडी डिकम्पोज (सड़ने) हो रही थी। उसके शरीर से खून और पानी बहकर कमरे की फर्श और दरवाजे तक आ गया। बुधवार की सुबह अन्य छात्रों को कमरे से बाहर रिसता खून नजर आया। यह देखकर कर अनहोनी की आशंका से छात्र भयभीत हो गए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें