गुमसुम रहने के कारणों का लगाया जा रहा है पता
सुबह करीब नौ बजे कमरे का दरवाजा तोड़ा। अंदर धीरज का शव फंदे से लटकता मिला। पुलिस और फॉरेंसिक ने साक्ष्य जुटाए। छात्र का मोबाइल, लैपटॉप और अन्य वस्तुओं को कब्जे में ले लिया। छात्र के परिजनों को घटना की सूचना दी गई है। डीसीपी पश्चिम दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि छात्र के आत्महत्या करने की वजह पता नहीं चली है। उसके साथियों ने उसके कुछ दिनों से गुमसुम रहने की जानकारी दी है। किन कारणों से गुमसुम था इसका पता लगाया जा रहा है।
बेटे ने दिसंबर में घर आने की बात कही थी
सतीश सैनी ने बताया कि बेटे ने उन्हें किसी तरह की कोई परेशानी नहीं बताई थी। उसने दिसंबर में छुट्टियां होने पर घर आने की जानकारी दी थी। पांच दिन पहले बेटी मोनिका ने उसे कॉल की लेकिन उसने पढ़ाई में व्यस्त बताकर ज्यादा बात नहीं की थी। बाद में बात करने के लिए कहा था। सतीश के मुताबिक बेटे ने उन्हें मार्च में नौकरी मिलने व जनवरी से कैंपस में कंपनियों के इंटरव्यू के लिए आने की बात बताई थी।
छात्र के मानसिक तनाव की नहीं मिली कोई रिपोर्ट
आईआईटी सूत्रों के मुताबिक पुलिस और अधिकारियों ने उसकी मेडिकल रिपोर्ट संस्थान के हेल्थ सेंटर से जानी जिसमें उसके किसी तरह से तनाव में न होने की जानकारी मिली। धीरज को किसी तरह की गंभीर या लंबी बीमारी की जानकारी भी नहीं मिली।
कमरे से खून आने पर छात्र हुए भयभीत
धीरज के फंदा लगाने के 48 घंटे हो जाने से उसकी बॉडी डिकम्पोज (सड़ने) हो रही थी। उसके शरीर से खून और पानी बहकर कमरे की फर्श और दरवाजे तक आ गया। बुधवार की सुबह अन्य छात्रों को कमरे से बाहर रिसता खून नजर आया। यह देखकर कर अनहोनी की आशंका से छात्र भयभीत हो गए।