आईआईटी कानपुर के पुराने छात्रों की गुरु दक्षिणा से संस्थान चमक उठेगा। यहां नए छात्रावास, रिसर्च लैब, शोध कार्यों और कई भवनों का निर्माण किया जाएगा। पुराने छात्रों ने 2025-26 में 576 करोड़ रुपये की धनराशि देने का वादा किया था, जिसमें से अब तक 187 करोड़ रुपये जमा हो गए हैं। बाकी की राशि दो से तीन साल में आईआईटी के खाते में आ जाएंगे।
संस्थान की डीन ऑफ रिसोर्सेज एंड एल्युमिनाई के अनुसार पुराने छात्र-छात्राएं यूएसए, जर्मनी, जापान, चीन, ऑस्ट्रेलिया, यूके, यूएई समेत अन्य देशों की बड़ी कंपनियों में अच्छे पदों पर हैं, जबकि काफी संख्या में देश के निजी और सरकारी संस्थानों में कार्यरत हैं। उनकी ओर से संस्थान का आर्थिक सहयोग किया जा रहा है।
अब तक मिली सहयोग राशि
- कोटक महेंद्रा बैंक की ओर से कोटक स्कूल ऑफ सस्टेनेबिलिटी के लिए 26.29 करोड़ दिए।
- जेके सीमेंट और पहल फाउंडेशन ने गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी के लिए 24.73 करोड़ दिए।
- गूगल.ऑर्ग की ओर से सस्टेनेबल सिटीज के लिए और एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए 17.89 करोड़ मिले।
- आईसीआईसीआई फाउंडेशन डिजिटल हेल्थ स्टैक’ के लिए 11.96 करोड़ रुपये का दान दिया गया।
- ट्रांसलेशनल रिसर्च लैब के लिए सिटाडेल सिक्योरिटीज इंडिया मार्केट्स प्राइवेट लिमिटेड ने 6.61 करोड़ दिए।
एआई और चिकित्सीय उपकरणों के लिए सहयोग
साइबर सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, पब्लिक सेफ्टी और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े प्रोजेक्ट्स के लिए योगदान दिया गया है। कुछ अहम प्रोजेक्ट्स जैसे एआई लैब, इनोवेशन सेंटर, स्कॉलरशिप प्रोग्राम और मेडिकल उपकरण विकास के लिए योगदान दिया है। श्मिट साइंसेज एलएलसी ने 4.86 करोड़, वाधवानी चैरिटेबल फाउंडेशन ने 4.48 करोड़ और उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड ने 4.21 करोड़ का दान दिया। इसमें एनएमट्रॉनिक्स इंडिया, जगजीत एस बिंद्रा, वाधवानी फाउंडेशन, आशीष भाटिया, गेट्स फाउंडेशन, एनपीटीईएल, एप्टिव कंपोनेंट्स, बिलियनब्रेनस गैराज वेंचर्स और प्रो. संदीप तिवारी जैसे दानदाताओं ने एक से दो करोड़ का सहयोग किया।