फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आईआईटी के प्रोफेसर पर लगा थीसिस चोरी का आरोप, छात्र ने लिखा-..मालूम है आप उनको क्लीन चिट दे देंगे

Sat, 17 Nov 2018 10:58 PM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
डेमो पिक
विज्ञापन
पीएचडी की थीसिस चोरी करने के आरोपों से घिरे कानपुर आईआईटी के एयरोस्पेस विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुब्रमण्यम सडरेला पर अब एमटेक की भी थीसिस चोरी करने का आरोप लगा है। एक अज्ञात छात्र ने तीन दिन पहले ई-मेल कर आरोप लगाया है कि डॉ. सडरेला ने एमटेक की थीसिस का पूरा एक चैप्टर गिरीश साहू नाम के छात्र की थीसिस से कॉपी किया है। इसके अलावा चैप्टर-4 को प्रो. जातेगोनकर की किताब के चैप्टर-6 से कॉपी किया है। थिसिस का इंट्रोडक्शन एआईएए रिसर्च पेपर से कॉपी किया गया है। इस मेल ने इंस्टीट्यूट में हड़कंप मचा दिया है। इंस्टीट्यूट की एथिक्स कमेटी ने इन आरोपों की भी जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन


इंस्टीट्यूट प्रशासन और सभी प्रोफेसरों को भेजे गए ई-मेल में छात्र ने तीखा हमला किया है। कहा है कि पिछले वर्ष एक एमटेक स्टूडेंट पर थिसिस चोरी करने का आरोप लगाकर आप लोगों ने डिग्री रद्द कर दी थी, उसे बर्खास्त भी कर दिया था। इस मामले में ऐसा नहीं होगा। छात्र ने लिखा है कि उसे मालूम है कि आप लोग डॉ. सडरेला को क्लीन चिट दे देंगे। मामला किसी छात्र का होता तो उसकी जिंदगी बर्बाद कर देते।

 
विज्ञापन

पहले क्लीन चिट, अब बढ़ सकती हैं मुश्किलें..

ई-मेल में छात्र ने लिखा है कि वह जल्द ही संस्थान छोड़ देगा। उसने लिखा है कि ‘मैं किसी के साथ कुछ गलत नहीं करना चाहता हूं। बस यही चाहता हूं कि आईआईटी कानपुर और आप सभी खूब तरक्की करें। एकेडमिक्स के मामले में आगे बढ़ें’।

चोरी की थीसिस से पीएचडी पूरी करने के आरोपों से घिरे डॉ. सडरेला की मुश्किलें फाइनल जांच रिपोर्ट आने के बाद बढ़ सकती हैं। सूत्रों के मुताबिक जांच में कई ऐसी गड़बड़ियां मिली हैं जो डॉ. सडरेला के खिलाफ हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर अब इंस्टीट्यूट प्रशासन उनसे स्पष्टीकरण मांगने की तैयारी में है। बता दें 15 अक्तूबर की रात एक अज्ञात छात्र ने इंस्टीट्यूट निदेशक सहित सभी प्रोफेसरों को ई-मेल कर आरोप लगाया था कि डॉ. सडरेला ने अपने ही दो सीनियरों आईआईटी खड़गपुर के प्रो. एन प्यादा और आर कुमार की थीसिस चोरी कर पीएचडी पूरी की है। आरोप था कि दोनों की थिसिस से कुल 15 पन्ने हूबहू उतार लिए गए हैं। मामले की जांच निदेशक ने एथिक्स कमेटी को सौंपी थी। कमेटी ने प्रारंभिक जांच में तो डॉ. सडरेला को क्लीन चिट दी थी लेकिन जब जांच उनके खिलाफ है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें