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'दरोगा के खिलाफ सिपाही' सोशल मीडिया पर शुरू टांग-खिंचाई, कुछ इस तरह भड़ास निकाली

Sat, 17 Nov 2018 09:12 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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डेमो पिक
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यूपी में कानपुर के भीतरगांव में मवेशियों की तस्करी करवाने में संलिप्त बिरहर चौकी के हेड कांन्सटेबिल और सजेती थानाध्यक्ष और एक सिपाही के खिलाफ हुई कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस कर्मी बिरहर चौकी में तैनात एक दारोगा को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
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उनका मानना है कि उक्त दरोगा की वजह से ही मवेशी तस्करों और पुलिस के बीच होने वाली बातचीत और वसूली संबंधी ऑडियो मीडिया तक पहुंचा, और सोशल मीडिया में वायरल हुआ। कुछ सिपाहियों ने दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की मांग जोरशोर से उठाई है। 

इसी क्रम में बीते दो दिनों से सिपाहियों की मांग सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रही है। बिरहर पुलिस चौकी में तैनात सिपाही प्रदीप चौहान और हेमेंद्र ने खुलकर पाला खींच दिया है। उन्होंने घाटमपुर पुलिस वालेंटियर ग्रुप के साथ कई अन्य वाट्सअप ग्रुपों में अपनी भड़ास निकाली है। कहा है कि पुलिस चौकी बिरहर में एचसीपी दयाशंकर वर्मा की तैनाती बीते दो वर्षों से है।  
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इसकी शिकायत पुलिस अधिकारियों से भी गई है

आरोप है कि एचसीपी चौकी क्षेत्र में पशु तस्करों के वाहन निकलवाने, हरे पेड़ों की कटान करवाने, अवैध खनन जैसे अवैध कामों में लिप्त है। इसकी शिकायत पुलिस अधिकारियों से भी गई है। लेकिन, दयाशंकर वर्मा के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है।  ं

बिरहर पुलिस चौकी में तैनात एचसीपी दयाशंकर वर्मा ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि पुलिस चौकी में उनकी तैनाती बीते 14 महीनों से है। उनके साथी मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के लिए सोशल मीडिया और वाट्सअप के माध्यम से उनके खिलाफ मैसेज डाल रहे हैं। उन्होंने इसकी शिकायत अधिकारियों से करने के साथ ही संबंधित सिपाहियों के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की भी बात कही।
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