यूपी में कानपुर के भीतरगांव में मवेशियों की तस्करी करवाने में संलिप्त बिरहर चौकी के हेड कांन्सटेबिल और सजेती थानाध्यक्ष और एक सिपाही के खिलाफ हुई कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस कर्मी बिरहर चौकी में तैनात एक दारोगा को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
उनका मानना है कि उक्त दरोगा की वजह से ही मवेशी तस्करों और पुलिस के बीच होने वाली बातचीत और वसूली संबंधी ऑडियो मीडिया तक पहुंचा, और सोशल मीडिया में वायरल हुआ। कुछ सिपाहियों ने दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की मांग जोरशोर से उठाई है।
इसी क्रम में बीते दो दिनों से सिपाहियों की मांग सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रही है। बिरहर पुलिस चौकी में तैनात सिपाही प्रदीप चौहान और हेमेंद्र ने खुलकर पाला खींच दिया है। उन्होंने घाटमपुर पुलिस वालेंटियर ग्रुप के साथ कई अन्य वाट्सअप ग्रुपों में अपनी भड़ास निकाली है। कहा है कि पुलिस चौकी बिरहर में एचसीपी दयाशंकर वर्मा की तैनाती बीते दो वर्षों से है।