पुस्तक सिर्फ एक दस्तावेज नहीं, एक साथी की तरह है
इसके साथ मुख्य और वैकल्पिक पाठ्यक्रम, अनुसंधान और दोहरी डिग्री विकल्प व अंतः विषयक शिक्षा के अवसर की जानकारी दी गई है। पुस्तक का संपादन व लेखक डॉ. अशेषा सिन्हा ने किया है। संस्थान के उप निदेशक प्रो. बृजभूषण ने कहा कि देश भर से आने वाले अलग-अलग स्वभाव के छात्रों को तारतम्य बैठाने में समय लगता है। पढ़ाई भी कठिन होती है। इस पुस्तक के माध्यम से छात्रों को ऐसा मार्गदर्शन देना चाहते हैं] जिससे वह पढ़ाई में ठीक से जुड़ सकें, सीखने की प्रक्रिया का आनंद ले सकें और समग्र रूप से विकसित हो सकें। यह पुस्तक सिर्फ एक दस्तावेज नहीं, बल्कि एक साथी की तरह है, जो छात्रों को उनके सफर में मदद करती है।