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Kanpur: पत्नी की चाकू से गला रेतकर की थी हत्या, बयान से मुकर गई थी बेटी, पति को उम्रकैद और 11 हजार जुर्माना

Tue, 04 Aug 2026 02:18 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: कानपुर की एक अदालत ने वर्ष 2013 में किदवई नगर में अपनी पत्नी संध्या की गला रेतकर हत्या करने वाले आरोपी पति विनय कुमार सिंह को उम्रकैद और 11 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। हालांकि मृतका की बेटी कोर्ट में गवाही से मुकर गई थी, लेकिन अन्य साक्ष्यों और 14 गवाहों के बयानों के आधार पर अपर जिला जज प्रथम सपना त्रिपाठी ने यह फैसला सुनाया।
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कोर्ट का फैसला - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कानपुर में पिता को सजा से बचाने के लिए बेटी कोर्ट में गवाही से मुकर गई थी। फिर भी अपर जिला जज प्रथम सपना त्रिपाठी ने पत्नी की गला रेतकर हत्या करने वाले पति को उम्रकैद और 11 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुना दी। फतेहपुर निवासी चंद्रिका सिंह भदौरिया ने अपनी बेटी संध्या की शादी किदवई नगर एम. ब्लॉक निवासी विनय कुमार सिंह से वर्ष 2009 में की थी।

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शादी के बाद से ही शराब का लती विनय अक्सर संध्या से मारपीट करता था। वर्ष 2011 में संध्या ने तंग आकर डाई पीकर जान देने की कोशिश भी की थी लेकिन समय से इलाज मिल जाने के कारण उसकी जान बच गई थी। सात अगस्त 2013 को विनय ने चंद्रिका को फोन कर उसकी हत्या की सूचना दी।

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चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी
चंद्रिका अपने बेटे और भतीजे के साथ किदवई नगर स्थित विनय के घर पहुंचा, तो वहां संध्या का खून से लथपथ शव पड़ा था। चाकू से गला रेतकर उसकी हत्या कर दी गई थी। चंद्रिका द्वारा नातिन से पूछताछ करने पर विनय द्वारा ही हत्या करने की बात सामने आई थी। जिस पर चंद्रिका ने दामाद विनय के खिलाफ जूही थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

कोर्ट ने विनय को दोषी मानकर सजा सुनाई
पुलिस ने विनय को गिरफ्तार करने के साथ ही उसकी निशानदेही पर आलाकत्ल चाकू भी घर से बरामद कर लिया था। एडीजीसी ने बताया कि अभियोजन की ओर से वादी चंद्रिका, उसके बेटे व मृतका की बेटी समेत 14 गवाह कोर्ट में पेश किए गए। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने विनय को दोषी मानकर सजा सुनाई।

कोर्ट में बोली बेटी, पापा-मम्मी में नहीं होती थी लड़ाई
मृतका की मासूम बच्ची जब कोर्ट में बयान देने पहुंची तो उसने बताया कि घटना के समय वह एलकेजी में पढ़ती थी। घटना वाले दिन मैं और मेरा भाई दूसरे कमरे में सोने चले गए थे। मम्मी किचन में थी और पापा घर पर नहीं थे।
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कहा- पुलिस अंकल ने मुझसे कोई बात नहीं की थी
अगले दिन सुबह उठे तो घर पर बहुत सारे लोग इकट्ठा थे। तब पता चला कि मम्मी की मौत हो गई है। मुझे नहीं मालूम कि मम्मी को किसने मारा। पुलिस अंकल ने मुझसे कोई बात नहीं की थी। पापा-मम्मी में लड़ाई नहीं होती थी। दोनों अच्छे से रहते थे।
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