चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी
चंद्रिका अपने बेटे और भतीजे के साथ किदवई नगर स्थित विनय के घर पहुंचा, तो वहां संध्या का खून से लथपथ शव पड़ा था। चाकू से गला रेतकर उसकी हत्या कर दी गई थी। चंद्रिका द्वारा नातिन से पूछताछ करने पर विनय द्वारा ही हत्या करने की बात सामने आई थी। जिस पर चंद्रिका ने दामाद विनय के खिलाफ जूही थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
कोर्ट ने विनय को दोषी मानकर सजा सुनाई
पुलिस ने विनय को गिरफ्तार करने के साथ ही उसकी निशानदेही पर आलाकत्ल चाकू भी घर से बरामद कर लिया था। एडीजीसी ने बताया कि अभियोजन की ओर से वादी चंद्रिका, उसके बेटे व मृतका की बेटी समेत 14 गवाह कोर्ट में पेश किए गए। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने विनय को दोषी मानकर सजा सुनाई।
कोर्ट में बोली बेटी, पापा-मम्मी में नहीं होती थी लड़ाई
मृतका की मासूम बच्ची जब कोर्ट में बयान देने पहुंची तो उसने बताया कि घटना के समय वह एलकेजी में पढ़ती थी। घटना वाले दिन मैं और मेरा भाई दूसरे कमरे में सोने चले गए थे। मम्मी किचन में थी और पापा घर पर नहीं थे।
कहा- पुलिस अंकल ने मुझसे कोई बात नहीं की थी
अगले दिन सुबह उठे तो घर पर बहुत सारे लोग इकट्ठा थे। तब पता चला कि मम्मी की मौत हो गई है। मुझे नहीं मालूम कि मम्मी को किसने मारा। पुलिस अंकल ने मुझसे कोई बात नहीं की थी। पापा-मम्मी में लड़ाई नहीं होती थी। दोनों अच्छे से रहते थे।